आज हम राजीव दीक्षित जी के बताए कुछ आयुर्वेदिक सुझाव पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होने आयुर्वेद के विषय पर काफी चीजों को स्पष्ट किया हैं। आज उनके ही सूत्रो के माध्यम से जानेंगे की किस प्रकार की सावधानी रख कर व्यक्ति आज के बुरे खान-पान के समय वाले युग मे अपने को सुरक्षित रख सकता हैं।

नमक मे कैसी सावधानी बरतनी चाहिए?

राजीव दीक्षित जी कहते हैं की इस समय सभी लोग रिफाइंड नमक खा रहे हैं, रिफाइंड नमक मे सारे तत्व खत्म हो जाते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी हैं। इसके अलावा आओडीन वाले नमक का सेवन करने से बीपी जैसी बीमारी की शिकायत हो जाती हैं। राजीव दीक्षित जी कहते हैं की खाने मे हमेशा काला नमक या फिर सेंधा नमक ही उपयोग मे लाना चाहिए। सेंधा नमक शरीर के अंदर के विश को कम करता हैं, तथा थाइराइड, लकवा और मिर्गी जैसे रोगो से रक्षा करता हैं।

क्या मैदा भी हानिकारक हो सकता हैं?

मैदा गेंहू से ही बना होता हैं, इस लिए लोग अक्सर मैदा का इस्तेमाल करने को बुरा नहीं मानते पर, मैदा बनाते समय गेंहू का सारा फाइबर निकाल लिया जाता हैं। इस लिए मैदा चिकना हो जाता हैं। मैदा से बनाए जाने वाले खाद्य वस्तु मे नूडल, ब्रेड, बर्गर और बिस्कुट आदि शामिल हैं। मैदा से बनाए गए सभी खाद्य वस्तु रबर की तरह होती हैं, इसके अलावा मैदा से बनाए जाने वाले ज़्यादातर खाद्य मैदा को सड़ा कर ही बनाए जाते हैं।

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पानी पीने मे किस प्रकार की सावधानी रखनी चाहिए?

पानी हल्का कुनकुना ही पीना चाहिए, क्योंकि हमारे शरीर के पाचन तंत्र का तापमान 37 डिग्री होता हैं। पानी खड़े होकर नहीं पीना चाहिए। बैठकर ही पानी का सेवन का करना चाहिए, तथा पानी को एकबार मे ही नहीं पीना चाहिए, बल्कि घूंट-घूंट पीना चाहिए। वास्तव मे पानी को पीना नहीं बल्कि खाना चाहिए। एक बार मे पानी पीने से हर्निया, पाइल्स, अरथराइटिस और प्रोस्टेट जैसी बीमारी होने का डर रहता हैं।

स्वास्थ्य रहने के लिए निम्न बातों का भी ध्यान रखे जिससे कई रोगो को दूर रखा जा सकता हैं।

  • फलो के रस को, अधिक तेल से ताली एवं पकी चीजों को, मट्ठा, खट्टी चीजें रात मे बिलकुल भी नहीं खाने चाहिए।
  • अगर आप घी या तेल से बनी चीजे खाने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। लगभग 1 घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए।
  • भोजन करने के तुरंत बाद अधिक तेज चलना एवं दौड़ना बिलकुल भी नहीं चाहिए। कुछ देर आराम करने के बाद इस तरह के कार्य किया जा सकता हैं।
  • तेज धूप मे चलने के बाद, शारीरिक मेहनत करने के बाद और शौंच जाने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। इसके अलावा शहद और घी को एक साथ कभी नहीं खाना चाहिए।
  • रात को सोने से पहने दाँत साफ करके सोना चाहिए। और सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीना चाहिए। धीरे धीरे पानी की तादाद को बढ़ा कर सवा लीटर तक करना उचित रहेगा।
  • भोजन को समाप्त करके पानी पीना विष के समान होता हैं। इसलिए खाना खाने के आधे घंटे के पहले और खाना खाने के डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए। खाना खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी जरूर पीना चाहिए।
  • शाम के भोजन के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए, शाम के भोजन के बाद कम से कम 500 कदम टहलना चाहिए। भोजन पकाने के लिए माइक्रोवेव ओवन, प्रेशर कुकर और एलोमीनियम के बर्तन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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