हिन्दी कहानी – गरीब महिला और दानपेटी (Hindi Story of Gareeb Mahila aur Daanpeti)

हिन्दी कहानी – गरीब महिला और दानपेटी (Hindi Story of Gareeb Mahila aur Daanpeti)

एक दिन की बात हैं एक बड़े महात्मा एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे, जहां वह बैठे थे वही पास में एक दान पात्र भी रखा हुआ था। जो भी महात्मा जी के दर्शन करने आते वो लोग सिक्के उस दानपात्र मे डालकर चले जाते।

महात्मा जी ये सब देख रहे थे उन्होने गौर किया कि जीतने भी लोग वहाँ से गुजरते हैं लगभग हर कोई दानपात्र में सिक्के डालते हैं और गर्व महसूस करते हैं।

थोड़ा समय बीतने के बाद वहाँ पर एक गरीब महिला आई और उसने उस दान पात्र में दो सिक्के डाले और उस स्थान से चुपचाप चली गई।

महात्मा के साथ कुछ चेले भी थे उन सभी चेलो को महात्मा जी ने बुलाकर पूछा- ‘सबसे ज्यादा सिक्के डालने वाला दानी है या कम सिक्के डालने वाला?’

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चेलों ने बहुत सोचा और बड़े आत्मविश्वास के साथ महात्मा को जवाब दिया- ‘गुरुदेव! जो सबसे ज्यादा सिक्के डालने वाला होगा उसे ही सबसे बड़ा दानी व्यक्ति माना जाएगा।’

महात्मा ने अपने चेलो का जवाब सुन कर बोले, “नहीं, तुम सभी का सोचना गलत है। गरीब स्त्री ने भले ही कम सिक्के डाले हों। मगर परमेश्वर की दृष्टि में महिला के द्वारा दान किए सिक्कों की कीमत, दूसरों लोगो के द्वारा दान किए गए सिक्कों से कही अधिक है।”

चेलों को बात समझ मे नहीं आई और उन्होने महात्मा से इसका कारण जानना चाहा तो महात्मा जी बोले, ‘इसका कारण यही है कि अमीर लोगों ने जो सिक्के दानपात्र मे डाले हैं, उन्हें उनकी जरूरत नहीं थी, जबकि असली त्याग तो उस गरीब स्त्री ने किया है। उसके पास जो सिक्के थे, उन सिक्को की जरूरत होते हुए भी उस महिला ने लोगो के मदद के लिए, गरीबो के भोजन के व्यवस्था के लिए, अपनी वह जमा किए हुये पैसो को दान मे दे दिया।

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यही कारण की यह निर्धन स्त्री भगवान की नजर मे सबसे बड़ी पुण्यात्मा है और जब भी स्वर्ग में जाने की बात आएगी तो यह महिला ही स्वर्ग मे जाने की सच्ची अधिकारी होगी।

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