अपमान का बदला भाग- 1 (शीलेन्द्र मिश्रा, MCA)

अपमान का बदला भाग- 1 (शीलेन्द्र मिश्रा, MCA)

इस कहानी को रीवा के शीलेन्द्र मिश्रा ने ईमेल से भेजा हैं, 

यह कहानी शुरु होती है एक छोटे से गाँव के छोटे से परिवार से, जहाँ रघु अपनी पत्नी और पिता के साथ जीवन व्यतीत कर रहा था। रघु रोज की तरह अपने खेत में काम के लिए जाता और उसकी पत्नी भोजन बना कर उसको खिलाने के लिए लेकर आती। रघु के पिता घर में पूजा पाठ करते तथा दूसरों के यहाँ भी पूजा पाठ करवाने का काम करते अर्थात पंडित का कार्य करते ।

उनकी पूजा पाठ करने कि विधि ज्यादा दिखावे वाली नहीं थी पर वो भगवान पर बहुत आस्था रखते थे और बहुत ही श्रद्धा के साथ भगवन की पूजा करते।

उनके घर को खुशहाल देख गाँव के कुछ ईर्ष्यालु लोगों को बात खटक गयी , तो उन दो चार धूर्त लोग मिलकर रघु के पिता को नीचा दिखाने की कोशिश में लग गए। जिस दिन ये घटना घटी उसी दिन रघु की पत्नी जानकी भी वही थी। जिसको अपने ससुर का अपमान होता देख अच्छा नहीं लगा, जानकी इतना तो ज्ञान रखती थी कि भगवन और आस्था क्या होती है।

तभी उसने अपमान करने वालों को अपमान के प्रति उत्तर में चुनौती दी कि अगर कोई उसकी एक कहानी का सही उत्तर दे देगा तो वो उस गाव में रहने लायक तथा हमारे परिवार का अपमान करने लायक है ।

जानकी ने कहानी सुनाई कि एक गाँव में एक बुजुर्ग कि मृत्यु हो जाती है, तभी उस गाँव में एक छोटी सी कन्या अपने पिता से सवाल करती है कि- पिताजी गाँव में कोई मर गया है या पूरा गाव मर गया है?

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इतना कहानी सुनाकर जानकी कहती है कि इसका जवाब क्या होगा और ऐसा उस कन्या ने सवाल किया तो क्या ये उचित सवाल था?

गाँव के उन धूर्त लोगो में से जिन्होंने जानकी के ससुर का अपमान किया था, किसी के पास जवाब नहीं था, तभी जानकी ने दूसरा सवाल पूछ लिया और शर्त रखी कि अगर इसका भी जवाब नहीं दे पाओगे तो गाँव छोड़कर जाना होगा,

दूसरा सवाल पुछने के लिए जानकी ने फिर उसी कहानी को आगे बताया कि वही कन्या अपने पिता के साथ गाँव के खेत में भ्रमण कर रही थी, जहाँ एक किसान अपने खेत में काम कर रहा था, तभी उस कन्या ने अपने पिता से पूछा – पिता जी ये फसल खायी हुई है या खाने के लिए है? फिर से उस कन्या ने ऐसा बेतुका सवाल क्यों पूछा । फिर से दूसरे सवाल का भी जवाब नहीं था, तब जानकी के शर्त के अनुसार उन गाव वालों को गाव छोड़ना था ।

पर सवाल ये उठता है कि क्या जानकी इन सवालों का सही जवाब जानती है, यदि जानती है तभी तो सही न्याय कहलायेगा अन्यथा , ये तो गलत न्याय हो जायेगा ।

इन सवालों के सही जवाब यदि आप लोगों को पता हो तो कृपया सभी पाठकगण इस कहानी को पढ़ कर जवाब लिख कर हमको बताएं।

और हम इसका जवाब इस कहानी के अगले भाग में जरुर बताएँगे , तब तक आप स्वयं चिंतन और मंथन करिए ।

धन्यवाद

कहानी का अगला पार्ट जल्द ही उपलोड होगा- फिलहाल अगर आपको ऊपर दिये प्रश्नो का उत्तर पता हो तो जरूर कमेंट करे 

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