मध्य प्रदेश के संभाग और जिले

मध्य प्रदेश के संभाग और जिले

मध्य प्रदेश को भारत का हृदय कहते हैं, इस राज्य का नाम भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू जी ने रखा था। ब्रिटिश काल मे मध्य प्रदेश नाम का कोई राज्य नहीं था। इस राज्य का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। (यह पोस्ट mppsc, mp police, jail prahari के लिए महत्वपूर्ण हैं। )

भोपाल संभाग

भोपाल संभाग में 5 जिले आते हैं भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, और विदिशा

1 भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल जिलों एवं पहाड़ियों से घिरा हुआ है इसे झीलों और पहाड़ों का शहर भी कहा जाता है यहां राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी वल्लभ भवन आपदा भवन संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट आफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि स्थित है

2 सीहोर : सीहोर के (बरलाई) मैं मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सहकारी शक्कर कारखाना एवं बुधनी में रेलवे स्क्रीन पर का कारखाना है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी विधानसभा से निर्वाचित हुए सीहोर के दशहरा मैदान में कुंवर चैन सिंह की छतरी 24 जून 1824 में नरसिंहगढ़ के युवराज कुंवर चैन सिंह और अंग्रेज एजेंट मेडाॅक के मध्य हुए भीषण युद्ध से जुड़ी हुई है पारु मारू की गुफाएं यही स्थित है

3 रायसेन : विश्व प्रसिद्ध सांची का स्तूप एवं भीमबेटका की गुफा बादल महल इत्र दार महल यही स्थित है मंडीदीप प्रमुख औद्योगिक केंद्र किसी जिले में है देश का पहला ऑप्टिकल फाइबर कारखाना मंडीदीप जिला(रायसेन)में है रायसेन के कुमरा गांव बेतवा नदी का उद्गम होता है

4 राजगढ़ : राजगढ़ (ब्यावरा) के चिड़ीखो नामक स्थान को मालवा का कश्मीर कहा जाता है गिन्नौरगढ़ का किला नरसिंहगढ़ वन्य जीव अभ्यारण यही स्थित है कालीसिंध,अजनार,गढ़गंगा इत्यादि नदियां यहीं से प्रभावित होती हैं

5 विदिशा : इंग्लिश का प्राचीन नाम भेलसा बेसनगर था यहां पर सर्वाधिक चने का उत्पादन होता है बेसनगर में गरुड़ स्तंभ अभिलेख उदयगिरि की गुफाएं(जहां विष्णु की वाराह अवतार की प्रतिमा है) विदिशा में ही आते हैं विदिशा की हलाली नदी पर सम्राट अशोक सागर बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना का निर्माण किया गया है यहीं पर सिंह हुआ सिरोज नदी का उद्गम स्रोत है

जबलपुर संभाग

जबलपुर संभाग में 8 जिले आते हैं- जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी

1 जबलपुर : त्रिपुरी और महाकौशल के नाम से प्रसिद्ध है इसे मध्य प्रदेश की संस्कार राजधानी भी कहा जाता है भारतीय वन अनुसंधान संस्थान का क्षेत्रीय कार्यालय एवं पहला रत्न परिष्कृत केंद्र जबलपुर में ही है मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय का मुख्यालय जबलपुर में है हेवी व्हीकल कारखाना गन कैरैज फैक्ट्री व ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर भेड़ाघाट धुआंधार जलप्रपात यहीं स्थित है गुप्तकालीन विष्णु मंदिर तिगवा यही स्थित है यहीं पर स्थित बरगी नदी पर रानी अवंती बाई जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया गया है

2 कटनी : संगमरमर के नाम से विख्यात 28 मई 1998 को जबलपुर जिले को विभाजित करके गठन किया गया यहां पर चूना पत्थर डोलोमाइट बॉक्साइट फायरक्ले आदि खनिजों की उपलब्धता है ACC सीमेंट कारखाना यहीं पर स्थित है अबुल फजल द्वारा वर्णित बिल्हारी पान कटनी में ही पाया जाता है

3 नरसिंहपुर : एक जाट सरकार द्वारा विशाल नरसिंह मंदिर निर्माण करवाने के कारण इस जिले का नाम नरसिंहपुर रखा गया प्रदेश में अरहर दाल के उत्पादन में किस जिले का प्रथम स्थान है यह हिंदी भाषी क्षेत्र का पहला पूर्णता साक्षर जिला है चौरगढ़ का किला तथा झोटेश्वर (ज्योटेर्श्वर) आश्रम यहीं पर स्थित है

4 छिंदवाड़ा : प्राचीन काल में इस क्षेत्र में राष्ट्रकूटो का शासन था क्षेत्रफल की दृष्टि से यह प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है एग्रो कॉन्प्लेक्स,हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड,देश का पहला मसाला पार्क बोरगांव खाद्य पर बादल भोई आदिवासी म्यूजियम यही स्थिति हैं कान्हन,पेंच,जाम,शक्कर एवं दूधी आदि नदिया इस जिले में प्रवाहित होती हैं

5 शिवनी : इसका सिवनी नाम सेवन नामक वृक्ष के बहुतायत में पाए जाने के कारण पड़ा सिवनी के मुंदारा क्षेत्र मैं बेनगंगा नदी का उद्गम स्टार है मध्य प्रदेश का वन विद्यालय भी इसी जिले में है

6 मंडला : अधिकतम जनसंख्या गोंड जनजाति की है मंडला का दुर्ग मोती महल व बघेलिन महल मंडला में ही स्थित है थावर परियोजना यही स्थित है प्रदेश का प्रथम वह सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान (कान्हा किसली) मंडला जिले में स्थित है

7 बालाघाट : बालाघाट वैनगंगा घाटी टाटा सतपुरा पर्वत के मध्य स्थित है यह जिला महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा बनाता है मलाजखंड से तवा का निष्कासन होता है तथा भरवेली से मैग्नीज का उत्पादन किया जाता है प्रदेश का एक जिला सर्वाधिक खनिज संपन्न है किरनारपुर बालाघाट का औद्योगिक विकास केंद्र है फॉरेस्ट रेंजर कॉलेज बालाघाट में स्थित है मध्य प्रदेश का सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला (1000:1021)बालाघाट ही है

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8 डिंडोरी : डिंडोरी जिला नर्मदा नदी के किनारे बसा है 25 मई 1998 को इसे मंडला जिले से अलग करके बनाया गया था इस जिले में राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान घूघवा स्थित है

इंदौर संभाग

इंदौर संभाग में 8 जिले आते हैं इंदौर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, खरगोन (पश्चिमी निमाड़ ), खंडवा (पूर्वी निमाड़), बड़वानी, बुरहानपुर है।

1 इंदौर : इंदौर का पूर्व नाम इंदुपुर इंदूर अहिल्यानगरी तथा इंद्रेश्वर था जैविक खाद इकाई मानसिक चिकित्सा संस्थान मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग वित्त निगम का मुख्यालय पुलिस रेडियो प्रशिक्षण स्कूल केंद्रीय पुरातात्विक संग्रहालय एपरेल पार्क आईआईटी और आई आई एम इंदौर में स्थापित है गेहूं सौर संस्थान इंदौर में आते हैं यहां पर स्थित गोमटगिरी जैन तीर्थ स्तर काफी प्रसिद्ध है

2 धार : प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर यही अवस्थित है बाघ की गुफाएं धार का किला भोजशाला मस्जिद डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान सरदारपुर वन्य जीव अभ्यारण (खरमोर पक्षी) धार जिले में है धार जिले में ही ””सिटी आफ जॉय””कहा जाने वाला मांडू में स्थित है यहां मांडू रानी रूपमती का महल, होशंग शाह का मकबरा,हिंडोला महल, जहाज महल,अशर्फी महल प्रमुख दार्शनिक स्थल है

3 अलीराजपुर : 17 मई 2008 को झाबुआ जिले को विभाजित कर अलीराजपुर का गठन किया गया देश व प्रदेश का सबसे कम साक्षरता वाला जिला अलीराजपुर ही है यहां पर भी भीलो द्वारा प्रसिद्ध भगोरिया मेले का आयोजन किया जाता है ग्राम भवारा मैं शहीद स्वतंत्रता सेनानी पंडित चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली है कट्टीवाड़ा मयूर अभ्यारण अलीराजपुर में ही है

4 झाबुआ : यह जनजाति बाहुल्य कीड़ा है यहां पर भील जनजाति अधिक संख्या में पाई जाती झाबुआ के मेघनगर मैं औद्योगिक विकास केंद्र स्थित है झाबुआ जिले की सीमा गुजरात से मिलती है प्रदेश का पहला आवासीय विद्यालय झाबुआ में स्थित किया गया है

5 खरगोन (पश्चिमी निमाड़) : इस नाम से भी जाना जाता है यह कपास उत्पादन करने वाला जिला है यहां प्रतिवर्ष सिंगाजी का मेला लगता है मूंगफली का सर्वाधिक उत्पादन इसी जिले में होता है इस जिले के देजला देवड़ा बांध कुंड नदी पर निर्मित मिट्टी का बांध है कपास अनुसंधान केंद्र तथा सीआईएफ का प्रशिक्षण केंद्र स्थित है

6 खंडवा (पूर्वी निमाड़) : यह जिला नर्मदा और ताप्ती नदियों के मध्य स्थित है जो महान पार्श्वगायक किशोर कुमार की जन्म स्थली तथा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्म स्थली है कपास उत्पादन के कारण इसे सुनहरा जिला भी कहा जाता है ओम कालेश्वर राष्ट्रीय उद्यान यही स्थित है 12 ज्योतिर्लिंगों में से 1 ज्योतिर्लिंग ओमकारेश्वर यही स्थित है, यह प्रदेश का मुख्य गाजा उत्पादक जिला है

7 बड़वानी : 25 मई 1998 को खरगोन को विभाजित कर इस जिले की स्थापना की गई यहाँ सर्वाधिक लाल मिर्च का उत्पादन होता है साथ ही कपास की प्रसिद्ध मंडी सेंधवा यही स्थित है

8 बुरहानपुर : बुरहानपुर ताप्ती नदी के तट पर स्थित है दक्षिण का द्वार बुरहानपुर में ही असीरगढ़ का किला इस किले को ढक्कन का दरवाजा भी कहा जाता है यहां मुमताज बेगम की कब्र है नेशनल न्यूज़ प्रिंट कारखाना नेपानगर (बुरहानपुर)में ही स्थित है चांदनी ताप विद्युत केंद्र हुई इसी जिले में स्थित है

चंबल संभाग

चंबल संभाग में 3 जिले आते हैं श्योपुर, मुरैना, भिंड

1 श्योपुर : मुरैना जिले को विभाजित कर श्योपुर जिले का गठन किया यह जिला चंबल नदी के तट पर स्थित है यहां स्थित पालनपुर कूनो वन्य जीव अभ्यारण में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जाता है यह जिला काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध है इस जिले से कूनो चंबल और सीप नदियां प्रवाहित होती हैं

2 मुरैना : मोर पक्षी की अधिकता के कारण इस जिले का नाम मुरैना पड़ा चंबल नदी के किनारे चंबल घड़ियाल अभ्यारण स्थापित है यहां नागा जी का मेला लगता है चंबल कुंवारी संक तथा असन नदियां इस जिले मे प्रवाहित होती हैं

3 भिंड : भिंड जिले को बागियों का गढ़ कहा जाता है भिंड जिले के मालनपुर में औद्योगिक विकास केंद्र स्थापित है

सागर संभाग

संभाग सागर संभाग में 6 जिले आते हैं सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी

1 सागर : यह बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है माप तौल प्रशिक्षण केंद्र स्टेनलेस स्टील कांपलेक्स सिद्धगवा औद्योगिक विकास केंद्र मध्य प्रदेश का पुलिस कॉलेज तथा जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी सागर में स्थित है प्रदेश का सबसे बड़ा वन्य जीव अभ्यारण नौरादेही अभयारण्य ही स्थित है

2 दमोह : इसे अनुग्रह एवं स्नेह का शहर भी कहा जाता है यहां रानी दुर्गावती अभ्यारण औद्योगिक तथा डायमंड सीमेंट कारखाना स्थित है

3 पन्ना : पन्ना हीरा भंडारण व उत्खनन के लिए देश भर में प्रसिद्ध है यहां अजय गढ़ का किला,बलदेव जी का मंदिर,जुगल किशोर मंदिर स्थित है इसके अतिरिक्त पांडव जलप्रपात,गंगा वन्य जीव अभ्यारण, पन्ना राष्ट्रीय उद्यान आदि प्रमुख दार्शनिक स्थल हैं

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4 छतरपुर : प्राचीन काल में इसे *जेजाकभुक्ती*के नाम से भी जाना जाता था यहाँ विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिर हैं जिन्हें यूनेस्को के विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है यहां केन वन्यजीव अभयारण्य, केन परियोजना तथा उर्मिल परियोजना स्थित है यहां प्रतिवर्ष जल बिहारी मेले का आयोजन होता है

5 टीकमगढ़ : उत्तर प्रदेश की सर्वाधिक सीमा से लगने वाला टीकमगढ़ जिला बुंदेलखंड की संस्कृत वाला प्रमुख जिला है तालाब की अधिकता के कारण टीकमगढ़ को तालाब और पर्वतों का जिला भी कहा जाता है रामायण संग्रहालय भी इसी जिले में स्थित है

6 निवाड़ी : मध्यप्रदेश में टीकमगढ़ जिले को विभाजित कर 1 अक्टूबर 2018 को 52 में जिला के रूप में सबसे छोटा जिला निवाड़ी बना है इसकी आबादी लगभग चार लाख है इस जिले की सीमाएं तीन ओर से उत्तर प्रदेश से घिरी हुई है

उज्जैन संभाग

उज्जैन संभाग में 7 जिले आते हैं उज्जैन,देवास,रतलाम शाजापुर,आगर मालवा, मंदसौर और नीमच

1 उज्जैन : उज्जैनी एवं अवंतिका नाम से प्रसिद्ध उज्जैन शिप्रा नदी के तट पर स्थित प्राचीन शहर है प्रत्येक 12 वर्ष के बाद कुंभ का मेला लगता है यहां दार्शनिक स्थलों में भतृहरि की गुफाएं जंतर मंतर मंगलनाथ महाकालेश्वर मंदिर काल भैरव मंदिर एवं संदीपनि आश्रम आदि स्थित है यहां विक्रमशिला विश्वविद्यालय महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय स्थित है मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मालवा उत्सव का आयोजन इस जिले में किया जाता है एशिया का सबसे बड़ा सोयाबीन संयंत्र उज्जैन में ही स्थित है

2 देवास : यह मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है देवास में ही करेंसी प्रिंटिंग प्रेस है काली सिंध नदी का उद्गम देवास जिले के बागली तहसील के बरझारी ग्राम से हुआ है यहां पर क्योंनी (खिवनी) वन्य जीव अभ्यारण स्थित है संगीतकार कुमार गौरव यहां साधना स्थली है

3 रतलाम : रतलाम को सेव नगरी के नाम से भी जाना जाता है रतलाम में नए टाउन की स्थापना कैप्टन बोर्थविक द्वारा 1829 में की गई थी यह नमकीन सेव सोना साड़ी तथा समोसा प्रसिद्ध है रतलाम में खरमोर पक्षी के संरक्षण के लिए अभ्यारण स्थापित किया गया है

4 शाजापुर : मुगल बादशाह शाहजहां ने इस नगर को स्थापित किया शाजापुर व्यंग्यकार और लेखक बालकृष्ण शर्मा “नवीन”की जन्मस्थली है

5 आगरमालवा : शाजापुर जिले को विभाजित कर 16 अगस्त 2013 को इस जिले को बनाया गया यह प्रदेश का 51 वा जिला है इस जिले की मुख्य नदी छोटी काली सिंध है

6 मंदसौर : मंदोदरी का मायका के रूप में जाना जाने वाला मंदसौर राजस्थान से चारों तरफ से घिरा हुआ है यहां पर स्थित गांधी सागर बांध मंदसौर को दो भागों में बाटता है इस जिले में स्थित गांधी सागर अभ्यारण में भालू,तेंदुआ
एवं चिंकारा आदि को संरक्षित किया जाता है

7 नीमच : नीमच को 30 जून 1998 में मध्यप्रदेश का स्वतंत्र दिवस घोषित किया गया था प्रारंभ में यह मंदसौर जिले का हिस्सा था नीमच को सीआरपीएफ की जन्मस्थली कहा जाता है

शहडोल संभाग

शहडोल संभाग में 3 जिले आते हैं शहडोल, उमरिया, अनूपपुर

1 शहडोल : स्थानीय निवासियों से पता चला कि शहडोल नाम की व्युत्पत्ति सोहागपुर में से एक शहडोलवा अहिर गांव के नाम से है इसे सोहागपुर कोयला खान के लिए जाना जाता है यहां की जलवायु शीतोष्ण है यहां दार्शनिक स्थलों में सुहागपुर बाणगंगा में भगवान शिव का एक विराटेश्वर मंदिर है

2 उमरिया : शहडोल जिले को विभाजित कर उमरिया जिले का गठन किया गया बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान एवं संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र इसी जिले में स्थित है

3 अनूपपुर : शहडोल जिले को विभाजित कर 15 अगस्त 2003 को इसका गठन किया गया इस जिले से नर्मदा सुमन तथा जोहिला नदियों का उद्गम होता है इस जिले में दुग्ध धारा, धूनीपानी,नर्मदा कुंड,कलचुरीकाल के मंदिर,सर्वोदय जैन मंदिर आदि दार्शनिक स्थल है

रीवा संभाग

रीवा संभाग में 4 जिले आते हैं रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना

1 रीवा : रीवा जिले को सफेद शेरों की भूमि कहा जाता है रीवा में कृषि महाविद्यालय,एस एस चिकित्सा महाविद्यालय,अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय,सैनिक स्कूल अवस्थित है यहां प्रतिवर्ष महामृत्युंजय का मेला लगता है रीवा जिले में टोंस,बीहड़,केवटी,बहूटी नदियां प्रवाहित होती है बहुती जलप्रपात किस जिले में अवस्थित है गोविंदगढ में आम अनुसंधान केंद्र स्थित है

2 सीधी जिला : यहां संजय टाइगर रिजर्व पार्क है यहां सोन नदी प्रवाहित होती है जिसे यहां की जीवन रेखा कहते हैं

3 सिंगरौली : सीधी जिले को विभाजित कर 24 मई 2008 को सिंगरौली जिले का गठन किया गया है जिला कोयला उत्पादन के लिए विख्यात है यहां एनटीपीसी ताप विद्युत केंद्र स्थापित है

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4 सतना : यह जिला चुनाव आज सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है चित्रकूट धाम तथा मैहर यहां के दार्शनिक स्थल हैं महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय इसी जिले में है इस जिले में अशोक के स्तूप (भरहुत) की खोज की गई है

होशंगाबाद/नर्मदा पुरम संभाग

होशंगाबाद संभाग में 3 जिले आते हैं होशंगाबाद, बैतूल, हरदा

1 होशंगाबाद : यह जिला नर्मदा नदी के तट पर स्थित है इसकी स्थापना मालवा शासक होशंगशाह ने की थी यह जिला सागौन के वनों के लिए प्रसिद्ध है इस जिले में माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म हुआ मध्य प्रदेश का प्रमुख हिल स्टेशन पचमढ़ी इसी जिले में स्थित है सतपुड़ा राष्ट्रीय,उद्यान बोरी अभ्यारण,तवा जलाशय यहां के दार्शनिक स्थल हैं

2 बैतूल : यह आदिवासी बाहुल्य जिला है यह जिला खनिज संसाधनों से भी संपन्न है यहां कोयला,ग्रेफाइट, डोलोमाइट संगमरमर तथा टिन जैसा खनिज
पाया जाता है ताप्ती नदी का उद्गम इसी जिले के मुलताई नामक स्थान से होता है यहां के दार्शनिक स्थलों में जैन तीर्थ स्थल मुक्तागिरी प्रसिद्ध है

3 हरदा : 6 जुलाई 1998 को होशंगाबाद जिले को विभाजित कर इस जिले का गठन किया गया यहां कान्हा बाबा का प्रसिद्ध मेला लगता है

ग्वालियर संभाग

ग्वालियर संभाग में 5 जिले आते हैं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया

1 ग्वालियर : इस का प्राचीन नाम गोपाचल,गोप,गिरी गोप पर्वत है इसे तानसेन नगरी के उपनाम से भी जाना जाता है ग्वालियर में एशिया का प्रथम शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय राजस्व मुख्यालय एवं महालेखागार का कार्यालय विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय स्थित है यहां पर स्थित तानसेन का मकबरा,रानी लक्ष्मी बाई की समाधि,जय विलास पैलेस, मोहम्मद गौरी का मकबरा,गुजरी महल,सास बहू मंदिर व तेली का मंदिर,मोती महल आदि दर्शनीय स्थल हैं गैस आधारित पहला विद्युत गृह ग्वालियर के भांडेर में स्थापित किया जा रहा है

2 शिवपुरी : शिवपुरी को पर्यटन की नगरी कहा जाता है अप्रैल 1859 में तात्या टोपे को यही फांसी दी गई थी प्रदेश भर में यहां न्यूनतम तापमान जिला है यहां सिंध महुअर तथा कोवारी नदियां प्रवाहित होती है यहां करेरा अभ्यारण तथा माधव राष्ट्रीय उद्यान है कत्था बनाने का कारखाना भी शिवपुरी जिले में ही स्थित है

3 गुना : गुना जिले को चंबल मालवा का प्रवेश द्वार कहा जाता है यहां प्रतिवर्ष तेजाजी का मेला लगता है विजयपुर में नेशनल फ़र्टिलाइज़र का कारखाना है यहां की स्वतंत्रता पूर्व रियासत राघव गढ़ है यह पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह का गृह क्षेत्र है

4 अशोकनगर : 15 अगस्त 2003 को गुना जिले को विभाजित कर इस जिले का गठन किया गया प्रदेश की खुली जेल मुंगावली यही स्थित है यहां जौहर कुंड,हवामहल नौखंडा,खूनी दरवाजा भी दार्शनिक स्थल हैं यह क्षेत्र हाथ से बनी चंदेरी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है

5 दतिया : इस शहर को पीतांबरा देवी का शहर तथा अनेक मंदिर मंदिरों के कारण लघु बृंदावन कहा जाता है प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल सोनगिरी इसी जिले में स्थित है दतिया में ही माताटीला बांध स्थित है

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