Bhhot ki Kahani – रीवा मे लिफ्ट का एक भूत और मैं

Bhoot ki Kahani – रीवा मे लिफ्ट का एक भूत और मैं

ये किस्सा रीवा जिले का हैं। हम जनता कॉलोनी में रहा करते थे। यही पर हमारी एक बिलडिग थी, इस बिल्डिंग को पामेल बिल्डिंग के नाम से पुकारा करते थे। इस बिल्डिंग से जुड़ा एक अफवाह था। जो यहाँ रहने वाले सभी लोगो को पता था।

अफवाह यह थी की इस बिल्डिंग के लिफ्ट मे एक भूत रहता हैं। एक बार एक औरत इस बिलिडिंग के ऊपर से गिर गई थी, और उसकी मृत्यु हो गई थी, तब से लिफ्ट मे कुछ अजीब घटनाए होने लगी, जिसकी वजह से लोगो को लगने लगा की औरत की आत्मा इस लिफ्ट मे रहती हैं। बिल्डिंग मे कई लोगो ने दावा लिया हैं की उन्होने औरत के भूत को लिफ्ट मे देखा हैं।

मैं पढ़ा लिखा हु और विज्ञान पर विश्वास करता हु, इस लिए मैं भूत-प्रेत के किस्सो मे विश्वास नहीं करता हूँ। लेकिन फिर भी मैं रात होते ही लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करता था। बिल्डिंग मे मेरा घर तीसरे मंज़िले मे था।

एक बार मैं अपने दोस्त के साथ दफ्तर से घर वापस आ रहा था, दोस्त भी इसी बिल्डिंग मे रहता था। दफ्तर मे काम ज्यादा होने की वजह से आज रात हो गई थी, और इसलिए आज हम लोग रात 10 बजे घर आ पाये। जैसा की मैंने पहले ही बता दिया हैं की मुझे रात मे लिफ्ट मे दर लगता था, इस लिए मैं रात मे लिफ्ट का उपयोग नहीं करता था। दोस्त के सामने अपने डर को प्रकट नहीं करना चाहता था, वरना दफ्तर मे वो मुझे डरपोक घोषित कर देता।

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हम एक दूसरे को निडर दिखाना चाहते थे कि हमे अफवाह पर भरोसा नहीं करते और भूत से नहीं डरते हैं। इसलिए हम  दोनों लिफ्ट में घुस गए। लिफ्ट बिल्डिंग के तीसरी मंजिल पर पहुंची, लिफ्ट का दरवाज़ा आधा खुला और फिर खुद ही बंद हो गया। इसके बाद लिफ्ट ऊपर जाने लगी। हमने तुरंत लिफ्ट को रोकने का प्रयास करने लगे। हमने कई बटन दबाये, परंतु कोई बटन काम नहीं कर रहा था।

आखिरकार लिफ्ट बिल्डिंग के सबसे ऊपर की मंजिल पर पहुच गई और फिर बिल्डिंग के सबसे नीचे की मंजिल पर आ गई।

ऐसा सात से आठ बार हुआ और फिर लिफ्ट 6वी मंजिल पर आ कर रुक गई। लिफ्ट का दरवाज़ा अपने आप ही खुल गया। अब हम लोग बहुत ज्यादा दर गए थे। हम दोनों लोग जल्दी से लिफ्ट से बाहर निकल कर, सीढ़ी का इस्तेमाल कर के नीचे कि ओर भागने लगे और अपने अपने घर में घुस गए। मेरे हैरान, परेशान और डरे हुये चहरे को देख कर घर में सबने पूछा कि आखिर मैं हाँफ क्यों रहा हूँ और इतना डरा हुआ क्यो हूँ। तो मैंने बहाना बना दिया कि दोस्त के साथ रेस लगा के आ रहा हूँ। उस दिन के बाद मैं कभी दिन में भी उस लिफ्ट के आसपास भी नहीं भटका और न ही उसका इस्तेमाल किया।

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