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चुड़ैल की कहानी और पंडित जी

चुड़ैल की कहानी और पंडित जी

यह एक अंधेरी और तूफानी रात थी. बारिश ज़ोरों से हो रही थी और हवाएं तेज़ चल रही थीं. एक छोटा सा गांव तूफान से अछूता नहीं था. गांव के लोग अपने घरों में सुरक्षित थे, लेकिन कुछ लोग बाहर थे. उनमें से एक छोटा लड़का था, जिसका नाम एंडी था. एंडी अपने घर के पीछे के बगीचे में खेल रहा था. वह एक पेड़ के नीचे खड़ा था और बारिश देख रहा था. अचानक, उसने एक आवाज़ सुनी. आवाज़ पेड़ से आई थी. एंडी ने ऊपर देखा और देखा कि एक आदमी पेड़ पर बैठा है. आदमी का चेहरा काला था और उसके बाल लंबे और सफेद थे. उसके हाथ लंबे और पतले थे और उसके नाखून लंबे और कांटेदार थे. आदमी का चेहरा क्रोध से भरा था. उसने एंडी को देखा और कहा, “मुझे तुम्हारा खून चाहिए.”

एंडी बहुत डर गया. उसने भागने की कोशिश की, लेकिन आदमी बहुत तेज़ था. उसने एंडी को पकड़ लिया और उसके गले पर दांत गड़ा दिए. एंडी चीखता रहा, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था. आदमी ने एंडी का खून पीया और फिर वह गायब हो गया.

एंडी को बचाया नहीं जा सका. उसका शरीर पेड़ के नीचे पड़ा मिला. उसके गले पर दांत के निशान थे. गांव के लोगों को बहुत दुख हुआ. उन्होंने एंडी का अंतिम संस्कार दिया और उसके लिए प्रार्थना की. लेकिन एंडी की मौत अभी भी रहस्य थी. कोई नहीं जानता था कि आदमी कौन था और वह कहां से आया था.

एंडी की मौत के बाद, गांव के लोग बहुत डर गए. वे रात में या फिर तुंफान में बाहर जाने से डरते थे. वे सोचते थे कि वह डरावना आदमी फिर से आ सकता है और उन्हें भी मार सकता है. लेकिन, कोई भी कुछ नहीं कर सका क्योंकि वह डरावना आदमी बहुत शक्तिशाली था. आए दिन गाँव मे कोई न कोई व्यक्ति गायब हो रहा था। या फिर उसकी मृत शरीर खेतो या फिर पेड़ के पास मिलती थी।

एक दिन, एक बूढ़ी महिला गांव में आई. उसने गांव के लोगों को बताया कि वह एक जादूगर है. उसने कहा कि वह उस डरावने आदमी को ढूंढ सकती है और उसे मार सकती है. गांव के लोग बहुत खुश हुए. उन्होंने बुजुर्ग महिला से मदद करने के लिए कहा.

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बुजुर्ग महिला ने उस पेड़ के पास जाकर संस्कृत में मंत्र पढ़ा. मंत्र के प्रभाव से पेड़ सूख गया और गिर गया. पेड़ के नीचे आदमी का भी शव पड़ा था. यह वही था जो पिछले कई महीनो से गाँव के लोगो का खून चूस रहा हैं और उन्हे मार रहा हैं।

बुजुर्ग महिला ने आदमी के शरीर को जादुई मंत्र से जला दिया. उसने गाँव वालों को बताया कि यह आदमी एक पिशाच था. पिशाच एक प्रकार का भूत होता है जो इंसानों का खून पीता है. बुजुर्ग महिला ने कहा कि अब गांव के लोग सुरक्षित हैं.

गांव के लोग बहुत खुश हुए. उन्होंने बुजुर्ग महिला को धन्यवाद दिया. बुजुर्ग महिला अब उसी गाँव मे रहने लगी, और आस पास के दूसरे गाँव मे भी जाकर वहाँ के भूत पिशाचो को मारा करती थी।

बुजुर्ग महिला ने जब से उस डरावने आदमी को मार दिया उस समय से गाँव मे सभी लोग सुरक्षित थे. लेकिन, चुड़ैल पता नहीं कहाँ से एक चुड़ैल गाँव मे आ गई थी। वह चुड़ैल उस बूढ़ी जादूगरनी को खोजते हुये यहाँ आई थी, क्योंकि कई वर्षो पहले जब वह बूढ़ी जादूगरनी जवान हुआ करती थी, तब उसने इस इस चुड़ैल को एक पेड़ मे ही कैद कर दिया था, जिसके वजह से यह चुड़ैल कई वर्षो तक एक सुनसान जंगल के एक पेड़ मे बंधी रही थी। इसलिए उस चुड़ैल ने उस जादूगरनी महिला को मारने की प्रतिज्ञा ले राखी थी.

इस लिए वह चुड़ैल जादूगरनी को खोजते हुये इस गांव मे आई थी। वह एक शक्तिशाली चुड़ैल थी और उसने जल्दी ही गांव के लोगों को अपने वश में कर लिया. उस चुड़ैल ने गाँव वालों को  गुलाम बना लिया और उन्हें कठोर परिश्रम करने के लिए मजबूर कर दिया।गांव के लोग बहुत दुखी और पीड़ित थे, हर हफ्ते गाँव के किसी एक व्यक्ति को चुड़ैल आपले भोजन के लिए मार कर खा लिया करती थी। गाँव वाले चुड़ैल से मुक्त होना चाहते थे, लेकिन वे कुछ नहीं कर सकते थे क्योंकि वह बहुत शक्तिशाली थी. लेकिन जादूगरनी की पिशाच को पकड़ने के लिए कई महीनो से गायब थी।

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एक दिन वह बूढ़ी जादूगरनी गाँव मे लौटी, वह जिस पिशाच को पकड़ने गई थी वह बहुत ताकतवर था, और महिला अब बूढ़ी हो चुकी थी, इस लिए 3 महीनो से बूढ़ी महिला दिन रात उस पिशाच से लड़ती रही जब जाकर उस जादूगरनी ने पिशाच को मारा। इस लड़ाई से जादूगरनी बहुत थकी हुई थी, इस लिए जब वह गाँव आई तो चुड़ैल ने उस पर आक्रमण कर दिया। और बूढ़ी जादूगरनी कुछ नहीं कर पाई और उसकी हार हो गई और चुड़ैल ने उसे मार दिया।

कुछ समय बीतने के बाद गाँव में एक पंडित आए, क्योंकि उन पंडित को पता था की इस गाँव के लोग भगवान पर विश्वास नहीं करते हैं, इसलिए इन्हे समय समय पर कोई बुरी शक्ति अपने नियंत्रण मे ले लेती हैं और परेशान करती हैं। इसलिए गाँव वालों की मदद के लिए पंडित जी बहुत दूर बनारस से यहाँ आए थे।

पंडित जी जैसे ही गाँव मे कदम रखा चुड़ैल को डर लगाने लगा उसकी शक्तियाँ कमजोर होने लगी। पंडित जी गाँव के चौपाल मे पहुँच कर सभी गाँव वालों को एकत्रित किया, और उन्हे बताया की वह पूरे गाँव को हमेशा के लिए भूत-प्रेत और चुड़ैलों से मुक्त कर देंगे। गाँव वालों ने इसका उपाय पूछा तो पंडित जी ने बताया की आर एक किलो मीटर की दूरी मे एक हनुमान जी का मंदिर बनाओ और वहाँ सुबह शाम आरती और धूप दीप करो, इसके अलावा जब भी तुम्हें लगे की चुड़ैल तुमरे आसपास हैं तो हनुमान जी का चालीसा पढ़ो। वह तुम्हें छू भी नहीं पाएगी।

चुड़ैल पंडित को मारना चाहती थी लेकिन वह कुछ भी नहीं कर पार रही थी, तभी पंडित जी ने बहुत तेजी से शंख को बजाया, और शंख की आवाज सुनते ही उस चुड़ैल की शक्तियाँ कुछ समय के लिए गायब हो गई, वह जल्दी से वहाँ से उड़ कर दूर जंगल मे चली गई।

गाँव के लोगो ने वैसा ही किया जैसा की पंडित जी ने कहा था। गाँव के लोग अब पूजा पाठ करने लगे थे। जिसकी वजह से वह चुड़ैल कभी भी गाँव मे नहीं आ पाई वह जंगल मे ही रहकर अपने शिकार को खोजा करती थी,लेकिन जब भी गाँव वाले जंगल जया करते थे तो वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हुये जंगल जाते थे। इसलिए चुड़ैल को जब हनुमान चालीसा के बोल सुनाई देते तो वह वहाँ से उड़ कर दूर चली जाती थी।

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इस तरह देखते ही देखते पूरे भारत मे गली गली मे मंदिर बन गए और हर कोई हनुमान चालीसा का पाठ करता हुआ आपको मिल ही जाएगा।

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