Hindi Kahani – डाकू और अकाल | Hindi Story of Daaku aur Akaal

Hindi Kahani – डाकू और अकाल | Hindi Story of Daaku aur Akaal

एक बार राजस्थान में बहुत ही भीषण अकाल पड़ा। इसलिए वहां पर एक संत ने अकाल पीड़ितों की मदद के लिए राज्य के सभी बड़े व्यापारियों एवं धनंजय भक्तों को अपने यहां बुलाया। संत ने अपने सभी भक्तों को अकाल में पीड़ित दूसरे लोगों की मदद करने के लिए प्रेरणा दी।

उनके सभी भक्तों एवं राज्य के बड़े व्यापारियों ने संत की प्रेरणा को शिरोधार्य करके, राज्य के कोने-कोने में अकाल पीड़ितों की मदद करने का निश्चय किया। उन्हीं धनंजय में से एक धनंजय व्यक्ति अकाल पीड़ितों की मदद के लिए अनाज के भंडार, धन-संपदा लेकर राज्य में भ्रमण के लिए निकला। क्योंकि व्यापारी ने बहुत सारा अनाज लिया हुआ था, इसलिए उस का काफिला बहुत बड़ा था।

उस का काफिला एक ऐसे मार्ग से निकल रहा था, जो मार्ग डाकुओं की शरणस्थली के रूप में बहुत ज्यादा विख्यात था। वहां के डाकुओं का सरदार माधव सिंह था, जो कि बहुत ही जालिम और क्रूर सरदार था। जब माधव सिंह को पता चला की एक व्यापारी बहुत बड़ा काफिला लेकर मार्ग से निकल रहा है तो वह रूप बदलकर काफिले में जा घुसा।

काफिले मे घुसने के बाद उसने व्यापारी से पूछ – “क्यों सेठ तुम्हें पता नहीं है कि यह इलाका डाकू माधव सिंह का है। आपको यहां से गुजरने में डर नहीं लग रहा। किसी भी समय माधव सिंह और उसके गुर्गे इस काफिले में हमला कर सकते हैं।”

यह सुनकर व्यापारी बोला – “हम ईश्वर की प्रेरणा से गरीब और अकाल पीड़ितों की मदद के लिए अनाज बांटने जा रहे हैं, इसलिए इस काफिले की रक्षा का भार भी भगवान के ऊपर है। इसलिए मुझे लगता है कि भगवान इस काफिले को लूटने का विचार किसी के मन में क्यों डालेगा।”

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यह सुनकर डाकू माधव सिंह का दिल आत्मग्लानि से भर उठा, उसे अपने ऊपर बहुत ही ग्लानि हुई। उसने सोचा किए सेवा भाव से भरे हुए लोग भूखे लोगों को सहायता पहुंचाने जा रहे हैं और मैं पाप कर्म से युक्त दुष्ट व्यक्ति इन्हें लूटने का षड्यंत्र कर रहा था।

उसने अपने रूप को उजागर किया और व्यापारी से अपने किए जाने वाले कर्मों की माफी मांगी और वह भी उस काफिले के साथ जुड़ गया और राज्य भर में घूम-घूम कर व्यापारी के साथ उसने भी गरीब और अकाल पीड़ितों की मदद सेवा करने लगा।

Moral of Hindi Story – जब कोई दुष्ट व्यक्ति की दानी और पुण्यआत्मा के संपर्क मे आता हैं तो उसका हृदय परिवर्तन हो जाता हैं। इस लिए हमे अपनी संगति और दोस्ती अच्छे लोगो के साथ करना चाहिए। आपको यह hindi story कैसी लगी कमेन्ट कर के जरूर बताए। अगर आपको यह hindi kahani पसंद आई तो इसे शेयर जरूर करे।

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