logo of this websiteMERI BAATE

विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का क्रम


विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का क्रम

विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का क्रम

भाषा एक शक्तिशाली उपकरण है, और इसका उपयोग कई अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है. भाषा का उपयोग लोगों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने, विचारों को व्यक्त करने, कहानियां सुनाने और ज्ञान को साझा करने के लिए किया जा सकता है. भाषा का उपयोग शिक्षा, व्यापार, सरकार और मनोरंजन के लिए भी किया जाता है. आइये जानते हैं की विश्व मे सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा का क्रम क्या हैं और अपनी हिन्दी भाषा इस क्रम मे किस पायदान मे स्थित हैं -

दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाएं हैं:

  1. चीनी (1.11 बिलियन से अधिक वक्ता)
  2. हिंदी (615 मिलियन से अधिक वक्ता)
  3. इंग्लिश (534 मिलियन से अधिक वक्ता)
  4. स्पेनिश (466 मिलियन से अधिक वक्ता)
  5. अरबी (422 मिलियन से अधिक वक्ता)
  6. बंगाली (265 मिलियन से अधिक वक्ता)
  7. पुर्तगाली (234 मिलियन से अधिक वक्ता)
  8. रूसी (215 मिलियन से अधिक वक्ता)
  9. जापानी (125 मिलियन से अधिक वक्ता)
  10. जर्मन (95 मिलियन से अधिक वक्ता)

ये भाषाएं दुनिया भर में लोगों द्वारा बोली जाती हैं और वे विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती हैं. ये भाषाएं व्यापार, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए भी महत्वपूर्ण हैं.

दुनिया की सबसे कठिन बोले जाने वाली भाषा कौन सी है

दुनिया में कई कठिन भाषाएं हैं, लेकिन कुछ भाषाएं अन्य भाषाओं की तुलना में सीखने में अधिक कठिन होती हैं. दुनिया की सबसे कठिन भाषाओं में से कुछ हैं:

  1. चीनी (विशेष रूप से मंदारिन)
  2. अरबी
  3. जापानी
  4. कोरियाई
  5. फिनिश
  6. हंगेरियन
  7. इतालवी
  8. पोलिश
  9. रूसी
  10. यूक्रेनी

इन भाषाओं को कठिन माना जाता है क्योंकि वे अत्यधिक विकृत होती हैं, यानी वे अपने लिखित रूप से बहुत अलग बोली जाती हैं. इन भाषाओं में कई ध्वनियाँ भी होती हैं जो अंग्रेजी-बोलने वालों के लिए असामान्य होती हैं. इसके अतिरिक्त, इन भाषाओं में अक्सर जटिल व्याकरण और वाक्य-विन्यास होते हैं.

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि "कठिन" भाषा की कोई एक परिभाषा नहीं है, और जो एक व्यक्ति के लिए कठिन हो सकता है, वह दूसरे व्यक्ति के लिए आसान हो सकता है. इसके अतिरिक्त, भाषा सीखने की कठिनाई को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं, जैसे कि व्यक्ति की भाषाई पृष्ठभूमि, उम्र और सीखने के कौशल.

दुनिया की सबसे कठिन लिपि वाली भाषा कौन सी है

दुनिया की सबसे कठिन लिपि वाली भाषाओं में से कुछ हैं:

  1. चीनी लिपि
  2. जापानी लिपि
  3. कोरियाई लिपि
  4. अरबी लिपि
  5. हिब्रू लिपि
  6. देवनागरी लिपि
  7. थाई लिपि
  8. लाओ लिपि
  9. वियतनामी लिपि
  10. कम्बोडियन लिपि

इन लिपियों को कठिन माना जाता है क्योंकि वे बहुत जटिल होती हैं और उनका उच्चारण सीखना मुश्किल होता है. इन लिपियों में अक्सर कई अक्षर और स्वर होते हैं जो अंग्रेजी-बोलने वालों के लिए असामान्य होते हैं. इसके अतिरिक्त, इन लिपियों में अक्सर जटिल व्याकरण और वाक्य-विन्यास होते हैं.

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि "कठिन" लिपि की कोई एक परिभाषा नहीं है, और जो एक व्यक्ति के लिए कठिन हो सकता है, वह दूसरे व्यक्ति के लिए आसान हो सकता है. इसके अतिरिक्त, लिपि सीखने की कठिनाई को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं, जैसे कि व्यक्ति की भाषाई पृष्ठभूमि, उम्र और सीखने के कौशल.

हिन्दी भाषा किस लिपि में लिखी जाती है

हिंदी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है. देवनागरी लिपि एक अक्षरात्मक लिपि है, जिसमें 52 अक्षर होते हैं. इनमें से 14 स्वर और 38 व्यंजन हैं. देवनागरी लिपि एक समकालिक लिपि है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक ध्वनि के लिए एक अक्षर होता है. देवनागरी लिपि एक सुंदर और सममित लिपि है, और यह हिंदी भाषा को बहुत ही सुंदर बनाती है.

देवनागरी लिपि का इतिहास बहुत पुराना है. यह लिपि ब्राह्मी लिपि से विकसित हुई है, जो एक प्राचीन भारतीय लिपि है. देवनागरी लिपि का उपयोग कई भारतीय भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है, जिनमें हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, नेपाली और उड़िया शामिल हैं. देवनागरी लिपि का उपयोग नेपाल, भूटान और श्रीलंका में भी किया जाता है.

देवनागरी लिपि एक बहुत ही महत्वपूर्ण लिपि है. यह लिपि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक प्रतीक है. देवनागरी लिपि का उपयोग भारत में शिक्षा और सरकार के क्षेत्रों में किया जाता है. देवनागरी लिपि का उपयोग भारतीय कला और साहित्य में भी किया जाता है.

दुनिया की सबसे कठिन लिपि वाली भाषा कौन सी है

दुनिया की सबसे कठिन लिपि वाली भाषाओं में से कुछ हैं:

  1. चीनी लिपि
  2. जापानी लिपि
  3. कोरियाई लिपि
  4. अरबी लिपि
  5. हिब्रू लिपि
  6. देवनागरी लिपि
  7. थाई लिपि
  8. लाओ लिपि
  9. वियतनामी लिपि
  10. कम्बोडियन लिपि

इन लिपियों को कठिन माना जाता है क्योंकि वे बहुत जटिल होती हैं और उनका उच्चारण सीखना मुश्किल होता है. इन लिपियों में अक्सर कई अक्षर और स्वर होते हैं जो अंग्रेजी-बोलने वालों के लिए असामान्य होते हैं. इसके अतिरिक्त, इन लिपियों में अक्सर जटिल व्याकरण और वाक्य-विन्यास होते हैं.

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि "कठिन" लिपि की कोई एक परिभाषा नहीं है, और जो एक व्यक्ति के लिए कठिन हो सकता है, वह दूसरे व्यक्ति के लिए आसान हो सकता है. इसके अतिरिक्त, लिपि सीखने की कठिनाई को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं, जैसे कि व्यक्ति की भाषाई पृष्ठभूमि, उम्र और सीखने के कौशल.

हिन्दी भाषा किस लिपि में लिखी जाती है

हिंदी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है. देवनागरी लिपि एक अक्षरात्मक लिपि है, जिसमें 52 अक्षर होते हैं. इनमें से 14 स्वर और 38 व्यंजन हैं. देवनागरी लिपि एक समकालिक लिपि है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक ध्वनि के लिए एक अक्षर होता है. देवनागरी लिपि एक सुंदर और सममित लिपि है, और यह हिंदी भाषा को बहुत ही सुंदर बनाती है.

देवनागरी लिपि का इतिहास बहुत पुराना है. यह लिपि ब्राह्मी लिपि से विकसित हुई है, जो एक प्राचीन भारतीय लिपि है. देवनागरी लिपि का उपयोग कई भारतीय भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है, जिनमें हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, नेपाली और उड़िया शामिल हैं. देवनागरी लिपि का उपयोग नेपाल, भूटान और श्रीलंका में भी किया जाता है.

देवनागरी लिपि एक बहुत ही महत्वपूर्ण लिपि है. यह लिपि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक प्रतीक है. देवनागरी लिपि का उपयोग भारत में शिक्षा और सरकार के क्षेत्रों में किया जाता है. देवनागरी लिपि का उपयोग भारतीय कला और साहित्य में भी किया जाता है.

देवनागरी लिपि और तिब्बती भाषा

देवनागरी लिपि और तिब्बती भाषा दोनों ही भारतीय मूल की लिपियां हैं और दोनों ही ब्राह्मी लिपि से विकसित हुई हैं. हालांकि, दोनों लिपियों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं.

देवनागरी लिपि एक अक्षरात्मक लिपि है, जिसमें 52 अक्षर होते हैं. इनमें से 14 स्वर और 38 व्यंजन हैं. देवनागरी लिपि एक समकालिक लिपि है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक ध्वनि के लिए एक अक्षर होता है. देवनागरी लिपि एक सुंदर और सममित लिपि है, और यह हिंदी भाषा को बहुत ही सुंदर बनाती है.

तिब्बती लिपि एक अक्षरात्मक लिपि है, जिसमें 30 अक्षर होते हैं. इनमें से 6 स्वर और 24 व्यंजन हैं. तिब्बती लिपि एक समकालिक लिपि है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक ध्वनि के लिए एक अक्षर होता है. तिब्बती लिपि एक बहुत ही कठिन लिपि है, और इसका उच्चारण सीखना मुश्किल होता है.

एक अन्य महत्वपूर्ण अंतर यह है कि देवनागरी लिपि को दाएं से बाएं लिखा जाता है, जबकि तिब्बती लिपि को बाएं से दाएं लिखा जाता है.

हालांकि, दोनों लिपियों में कुछ समानताएं भी हैं. दोनों लिपियों में स्वर और व्यंजन होते हैं. दोनों लिपियों में एक ही मूल से विकसित हुए हैं. दोनों लिपियों का उपयोग भारतीय भाषाओं को लिखने के लिए किया जाता है.

हाल के वर्षों में, कुछ तिब्बती लेखकों ने देवनागरी लिपि को अपनाना शुरू किया है, ताकि वे अपने लेखन को भारतीय भाषाओं में प्रकाशित कर सकें. यह एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि यह दोनों भाषाओं के बीच एक बेहतर समझ को बढ़ावा देगा.

सयुक्त राष्ट्र मे किन भाषाओ को मान्यता प्राप्त हैं

संयुक्त राष्ट्र में छह भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता प्राप्त है: अंग्रेजी, अरबी, चीनी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश. इन भाषाओं का उपयोग संयुक्त राष्ट्र के सभी संचार में किया जाता है, जिसमें दस्तावेज, भाषण और बैठकें शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य राज्यों को इन छह भाषाओं में से कम से कम एक भाषा का ज्ञान रखने की आवश्यकता है.

संयुक्त राष्ट्र ने 1945 में अपनी स्थापना के समय इन छह भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं के रूप में चुना था. इन भाषाओं को दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं के रूप में चुना गया था. संयुक्त राष्ट्र ने यह भी फैसला किया कि इन छह भाषाओं में से प्रत्येक को संयुक्त राष्ट्र के सभी दस्तावेजों का आधिकारिक अनुवाद प्रदान किया जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाएं संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों के बीच संचार और सहयोग को बढ़ावा देती हैं. वे संयुक्त राष्ट्र के काम को दुनिया भर के लोगों के लिए अधिक सुलभ भी बनाते हैं.

हिन्दी सयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बन पाएगी या नहीं

हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनने की संभावना है. हिंदी दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, और यह भारत, नेपाल और फिजी सहित कई देशों की आधिकारिक भाषा है. हिंदी का उपयोग संयुक्त राष्ट्र में भी किया जाता है, लेकिन यह एक आधिकारिक भाषा नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए कई बार प्रस्ताव पारित किए हैं, लेकिन ये प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हुए हैं. इसकी मुख्य वजह यह है कि हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए सभी सदस्य राज्यों की सहमति की आवश्यकता होती है, और कुछ सदस्य राज्य इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं करते हैं.

हालांकि, हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की संभावना है. संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्य हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और वे इस दिशा में काम कर रहे हैं. यह संभव है कि हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनने में कुछ साल लग सकते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से संभव है.

हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने के कई लाभ होंगे. यह संयुक्त राष्ट्र के सदस्य राज्यों के बीच संचार और सहयोग को बढ़ावा देगा. यह संयुक्त राष्ट्र के काम को दुनिया भर के लोगों के लिए अधिक सुलभ भी बना देगा. हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने से भारत और अन्य हिंदी भाषी देशों के लिए भी कई फायदे होंगे. यह भारत को वैश्विक मंच पर अधिक शक्तिशाली बनाएगा, और यह भारत के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा.

Keyword :विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का क्रम,


Related Post
☛ नेपोलियन तृतीय की विदेश नीति और पतन का कारण | napoleon tritiya ki videsh niti
☛ नेपोलियन कौन था और पतन के कारण | nepoliyan kon tha
☛ तुर्की देश की महिलाएं | Turkey desh ki mahilayen
☛ एक छोटा देश साइप्रस का परिचय | साइप्रस की मुद्रा | cyprus turkey issue
☛ बल्ज़ की लड़ाई | Battle of Bulge in Hindi
☛ 1830 और 1848 की फ्रेंच क्रांति के कारण और परिणाम | 1830 france ki kranti kab hui
☛ उपनिवेशवाद का प्रारम्भ | Upniveshvad kya hai in hindi
☛ विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं का क्रम
☛ बर्लिन की दीवार का इतिहास और बर्लिन की दीवार का पतन
☛ कोस्टा रिका की राजधानी और कोस्टा रिका का इतिहास

MENU
1. मुख्य पृष्ठ (Home Page)
2. मेरी कहानियाँ
3. Hindi Story
4. Akbar Birbal Ki Kahani
5. Bhoot Ki Kahani
6. मोटिवेशनल कोट्स इन हिन्दी
7. दंत कहानियाँ
8. धार्मिक कहानियाँ
9. हिन्दी जोक्स
10. Uncategorized
11. आरती संग्रह
12. पंचतंत्र की कहानी
13. Study Material
14. इतिहास के पन्ने
15. पतंजलि-योगा
16. विक्रम और बेताल की कहानियाँ
17. हिन्दी मे कुछ बाते
18. धर्म-ज्ञान
19. लोककथा
20. भारत का झूठा इतिहास
21. ट्रेंडिंग कहानिया
22. दैनिक राशिफल
23. Tech Guru
24. Entertainment
25. Blogging Gyaan
26. Hindi Essay
27. Online Earning
28. Song Lyrics
29. Career Infomation
30. mppsc
31. Tenali Rama Hindi Story
32. Chalisa in Hindi
33. Computer Gyaan
34. बूझो तो जाने
35. सविधान एवं कानून
36. किसान एवं फसले
37. World Gk
38. India Gk
39. MP GK QA
40. Company Ke Malik
41. Health in Hindi
42. News and Current
43. Google FAQ
44. Recipie in Hindi
45. खेल खिलाड़ी


Secondary Menu
1. About Us
2. Privacy Policy
3. Contact Us
4. Sitemap


All copyright rights are reserved by Meri Baate.