बुधवार को शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए

बुधवार के दिन शिवलिंग पर शुद्ध जल के साथ ग्यारह सुपाड़ी चलानी चाहिए। ऐसा करने से बुध ग्रह से संबंधित दोष दूर होते हैं और बुध ग्रह और केतु ग्रह प्रसन्न होते हैं जिससे सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने लगते हैं और जीवन में खुशहाली आती है।

अगर कोई व्यक्ति अवसाद और चिंता से परेशान हैं, छोटे-छोटे फैसले लेने में उसे डर लगता है तब ऐसे व्यक्ति को बुधवार के दिन किसी मंदिर में जाकर शुद्ध जल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराना चाहिए। ऐसा प्रत्येक बुधवार को करने से उस व्यक्ति की अवसाद और चिंता जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं और जीवन में खुशहाली आती है।

भगवान शिव को क्या नहीं चढ़ाना चाहिए

  1. हल्दी का इस्तेमाल – हिंदू धर्म में पूजा पाठ के दौरान हल्दी का इस्तेमाल बहुतायत रूप में किया जाता है लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि भगवान शिव के पूजन में हल्दी भूलकर भी भगवान को ना चढ़ाएं। हल्दी भगवान विष्णु को बहुत पसंद है और भगवान विष्णु को हल्दी चढ़ाने से सब भागता है लेकिन भगवान शिव को हल्दी बिल्कुल नहीं चलानी चाहिए अगर कोई व्यक्ति भगवान शंकर को हल्दी अर्पित करता है तब ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति का चंद्रमा कमजोर हो सकता है।
  2. कुमकुम या सिंदूर – बहुत से भक्त पूजा के दौरान भगवान शंकर को कुमकुम और सिंदूर अर्पित करते हैं। जो लोग ऐसा करते हैं वह तुरंत ऐसा करना बंद कर दें क्योंकि शिवपुराण में यह बताया गया है कि भगवान शिव को कुमकुम और सिंदूर नहीं अर्पित करना चाहिए। इसलिए भगवान शिव की पूजन में कुमकुम और सिंदूर का इस्तेमाल नहीं होता है।
  3. तुलसी के पत्ते – तुलसी के पत्तों को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना गया है। भगवान शिव को तुलसी दल या फिर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते हैं। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि भगवान शिव ने तुलसी के पति जालंधर का वध किया था।
  4. लाल और केतकी के फूल – भगवान शिव को भूलकर भी लाल रंग के फूल नहीं अर्पित करने चाहिए। इसके साथ ही केतकी के फूल को भी भगवान शंकर को अर्पित नहीं किया जाता है। इसलिए जब भी शिवपूजन हो तो वहां पर लाल रंग के फूल और केतकी के फूल को हटा लेना चाहिए।
  5. नारियल का पानी – भगवान शिव के अभिषेक के लिए कई प्रकार के तरल पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है इसी तरह से पूछ भक्त भगवान शिव के अभिषेक के लिए नारियल का पानी इस्तेमाल करते हैं। नारियल को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है इसलिए नारियल के पानी से भगवान शिव का अभिषेक नहीं किया जा सकता है।
  6. शंख से शिव अभिषेक – बहुत से लोग शंख में पानी भरकर देवी देवताओं को स्नान कर आते हैं। भगवान विष्णु को शंख के माध्यम से पानी अर्पित किया जा सकता है लेकिन भगवान शंकर को शंख से जल अर्पित नहीं किया जाता है क्योंकि इसकी मनाही बताई गई है।
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भगवान शिव को क्या चढ़ने से क्या फल मिलता हैं?

  1. भगवान शिव पर दही चढ़ाना – अगर कोई भक्त भगवान शिव को रोजाना दही से स्नान कर आता है ऐसे व्यक्ति को भौतिक सुख जल्दी प्राप्त होते हैं। भौतिक सुख का अर्थात है कि उसे सुख सुविधा युक्त जीवन प्राप्त होगा जैसे अच्छे घर में वह रहेगा, घर में आने जाने के लिए सुविधा युक्त वाहन होंगे, घर में तरह-तरह के मनोरंजन के साधन होंगे।
  2. भगवान शिव को गन्ने का रस चढ़ाना – अगर कोई भक्त भगवान शिव के पूजन के माध्यम से धन प्राप्त करना चाहता है तथा धन लाभ उसके जीवन में हो ऐसी कामना है तब उसे पूजन के दौरान भगवान शिव को गन्ने का रस चढ़ाना चाहिए। खासकर महाशिवरात्रि के दिन अगर कोई व्यक्ति गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करता है तब उस व्यक्ति के जीवन में धन लाभ होने से कोई शक्ति उसे नहीं रोक सकती।
  3. भगवान शिव को शहद चढ़ाना – अगर कोई व्यक्ति अपनी लंबी आयु की कामना से भगवान शिव का पूजन करता है तब उसे पूजन के दौरान भगवान शिव को शहद से स्नान कराना चाहिए। ग्रंथों में ऐसा बताया गया है कि जो व्यक्ति भगवान शिव को शहद से स्नान कर आता है उसे दीर्घायु प्राप्त होती है।
  4. भगवान शिव को इत्र वाला जल चढ़ाना – अगर कोई साधक भगवान शिव का पूजन इसलिए कर रहा है की वह मोक्ष की प्राप्ति चाहता है। तब ऐसे साधकों को भगवान शिव के पूजन के दौरान भगवान शिव को इत्र वाले जल से स्नान कराना चाहिए और जो व्यक्ति महाशिवरात्रि के दिन भगवान को इत्र वाले जल से स्नान कर आता है उस व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है।
  5. भगवान शिव को दूध चढ़ाना – जो व्यक्ति संतान की कामना करता है उस व्यक्ति को भगवान शिव के पूजन के दौरान दूध से शिवलिंग को स्नान कराना चाहिए। जो व्यक्ति सावन सोमवार के दिन भगवान शिव को दूध से अभिषेक करता है ऐसे व्यक्ति को संतान सुख प्राप्त होता है।
  6. भगवान शिव को सरसों का तेल चढ़ाना – अगर कोई व्यक्ति अपने शत्रु पर विजय चाहता है और विजय की कामना के लिए वह भगवान शिव की आराधना करता है तब ऐसे व्यक्ति को महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को सरसों के तेल से अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से उस व्यक्ति को जल्दी ही अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती हैं।
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नोट/डिस्क्लेमर– यह लेख पुरानी मान्यता और धार्मिक किताबों और तरह-तरह की वैबसाइट से लिया गया हैं, इस लिए इस पोस्ट की सत्यता की पुष्टि meribaate.in नहीं करता हैं। यह सिर्फ सामान्य ज्ञान की दृष्टि से लिखा गया हैं। हमारी वैबसाइट और लेखक इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

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