logo of gitanjalididi.in

MERI BAATE

धार्मिक कहानी : सती कौशकी और उनके पति को श्राप

प्राचीन समय में एक सती थी, उनका नाम कौशिकी था, उनके पति का नाम कौशिक था जो की पैर से अपंग थे। वह चल-फिर नहीं पाते थे। इस लिए जब कौशिक को कही जाना होता था तो उनकी पत्नी कौशिकी उन्हे अपने पीठ में लाद कर ले जाया करती थी। एक रात किसी काम से कौशकी अपने पति को अपने पीठ में लाद कर कही Read Full Article

शिशुपाल वध की कथा

शिशुपाल वध की कथा वासुदेवजी की बहन रानी सुतासुभा और छेदी के राजा दमघोष के पुत्र का नाम शिशुपाल था। जब वह उत्पन्न हुआ, तब उसके चार हाथ और तीन नेत्र थे। इस विचित्र शिशु को देखकर सब लोग इसे राक्षस समझ कर इसको त्याग देने का मन बना लिए। तब आकाश वाणी हुई कि आप इसका पालन पोषण करें। यह बहुत बलवान होगा।  आकाश वाणी Read Full Article

धार्मिक किस्सा- रीवा जिले के चिराहुला मंदिर के हनुमान जी और गुजराती व्यापारी

यह कहानी रीवा जिले के गुढ़ चौराहे में एक फुलकी का ठेला लगाने वाले बाबा ने बताया, मैं फुलकी खाते हुए उनसे चिरहुलानाथ स्वामी के प्रभावों पर बातचीत कर रहा था, तब उन्होंने बताया की गुजरात से एक व्यापारी, साल में चार बार चिरहुलानाथ मंदिर आया करते थे। मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद वह और उनका परिवार मेरे ठेले के पास रुक कर फुलकियां Read Full Article

Shiv Puran - कुबेर का अहंकार और गणेश

यह एक धार्मिक कथा है। धन के देवता कुबेर तीनों लोकों में सबसे अमीर थे। एक दिन उनके मन मे विचार आया कि उनके पास इतनी संपत्ति है, लेकिन देव लोक मे कम ही लोगों को इसकी जानकारी है। इसलिए उन्होंने अपने धन का प्रदर्शन करने के विचार से एक भव्य भोज का आयोजन करने की बात सोची। इस भोज मे तीनों लोकों के सभी Read Full Article

Dharmik Hindi Kahani- राजा जनक और अष्टावक्र (Hindi Story- Raja Janak aur Ashtavakra)

एक बार राजा जनक ने ज्ञान प्राप्ति के लिए दुनिया भर से कई ज्ञानीजनों को अपने दरबार में आमंत्रित किया। इन सभी ज्ञानिजनों मे से एक अष्टावक्र भी थे, वें आठ जगहों से टेढ़े-मेढ़े थे।दरबार मे जैसे ही उन्होने प्रवेश किया उन्हें देखकर सभा के सभी सभासद हंसने लगे। अष्टावक्र उन सभी को हँसता देख कर खुद भी ज़ोर ज़ोर से हसने लगे। जनक जी ने Read Full Article

धार्मिक हिन्दी कहानी - कोई काम छोटा नहीं होता (Hindi Story of Krishna and Raajsu Yagya)

महाभारत काल में पांडु के पांचों पुत्र जिनहे पांडव के नाम से जाना जाता हैं, उन्होने कई राजाओं को हराया जिसकी वजह से पांडव चक्रवर्ती सम्राट बन चुके थे। इसके बाद उन्होंने एक राजसूय यज्ञ नामका यज्ञ का आयोजन किया था, इस यज्ञ मे कई राजाओं एवं महाराजाओं को आमंत्रित किया गया था। इस राजसूय यज्ञ को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए इसकी पूरी तैयारी Read Full Article

धार्मिक कहानी - देवी सुलोचना (विजयदशमी के विशेष उपलक्ष मे)

सुलोचना नागो के राजा शेषनाग और देवी नागलक्ष्मी की पुत्री तथा लंका के राजा रावण के पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) की पत्नी थी। शूर्पणखा का नाक राम भगवान के छोटे भाई लक्ष्मण द्वारा काटा गया, इस बात का बदला लेने के लिए सूर्पनखा के भाई रावण ने भगवान राम की पत्नी सीता का हरण कर लिया। सीता माता को रावण के कैद से मुक्त कराने के लिये Read Full Article

हिन्दी कहानी - साहसी बालक | Hindi Story - Courageous Boy |

काफी समय पहले की बात है, हालैण्ड देश में एक लड़का रहता था। जिसका नाम था हेन्स। उसकी उम्र उस समय आठ साल की थी। इस बात की जानकारी करीब-करीब सभी को है कि हॉलैण्ड देश समुन्द्र के किनारे पर स्थित है और उसकी जमीन का बहुत-सा भाग समुन्द्र तल से नीचा है। समुन्द्र के किनारे पर स्थित स्थानों को सुरक्षित रखने के लिए हॉलैण्ड के Read Full Article

हिन्दी कहानी- रहस्य की दो बाते | Hindi Story - Two Things of Mystery.

किसी गांव में एक बूढ़ा धनी जमींदार रहता था । उसके दो बेटे थे। दौलत काफी थी। उसने सोचा कि अब शायद मैं इस दुनिया में कुछ ही दिनों का मेहमान हूं अतः सारा धन अपने दोनों बेटों में बराबर बांट दिया । कुछ दिनों बाद वह बीमार पड़ा, उसने दोनों पुत्रों को बुलाकर कहा, "मेरा अंत समय निकट है । कारोबार का ध्यान रखना, Read Full Article

धार्मिक हिन्दी कहानी - भगवान शिव ने भक्त के लिए 6 महीने को घटाकर एक महीने मे बदल दिया

एक बार एक शिव-भक्त अपने गावँ से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला। पहले यातायात की सुविधाएँ तो थी नहीं, वह पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में जो भी मिलता केदारनाथ का मार्ग पूछ लेता। मन में भगवान शिव का ध्यान करता रहता। चलते चलते उसको महीनो बीत गए। आखिरकार एक दिन वह केदार धाम पहुच ही गया। केदारनाथ में मंदिर के द्वार 6 महीने खुलते Read Full Article

धार्मिक हिन्दी कहानी - सीता जी ने बनाया भोजन पर खाने कोई नहीं आया

लंकापति रावण के वध के बाद जब अयोध्यापति प्रभु श्री राम की कीर्ति दूर-दूर तक फैल रही थी और वह मर्यादा पुरूषोतम कहलाने लगे थे।तब एक दिन महादेव शिव की इच्छा भी मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम से मिलने की हुई। पार्वती जी को संग लेकर महादेव कैलाश पर्वत से उतर कर अयोध्या नगरी के रास्ते पर चल पड़े। भगवान शिव और मां पार्वती को अयोध्या आया देखकर Read Full Article

Dharmik Hindi Story - पंडित और शिव भक्त

एक बार एक शिव-भक्त अपने गावँ से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला। पहले यातायात की सुविधाएँ तो थी नहीं, वह पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में जो भी मिलता केदारनाथ का मार्ग पूछ लेता। मन में भगवान शिव का ध्यान करता रहता। चलते चलते उसको महीनो बीत गए। आखिरकार एक दिन वह केदार धाम पहुच ही गया। केदारनाथ में मंदिर के द्वार 6 महीने खुलते Read Full Article

Dharmik Hindi Story - राजा मोराध्वज की कथा

महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद अर्जुन को वहम हो गया की वो श्रीकृष्ण के सर्वश्रेष्ठ भक्त है, अर्जुन सोचते की कन्हैया ने मेरा रथ चलाया, मेरे साथ रहे इसलिए में भगवान का सर्वश्रेष्ठ भक्त हूँ। अर्जुन को क्या पता था की वो केवल भगवान के धर्म की स्थापना का जरिया था। फिर भगवान ने उसका गर्व तोड़ने के लिए उसे एक परीक्षा का गवाह Read Full Article

मैहर का मंदिर की उत्पत्ति की कथा- जय माँ शारदा 1008

मैहर का मंदिर मैहर नामके स्थान पर स्थित हैं। मैहर एक नगर हैं यह मध्य प्रदेश के सतना जिले का एक नगर पालिका है| इस जिला बनाने का प्रयास भी लगातार किए जा रहे हैं। मैहर में श्रद्धेय देवी माँ शारदा का प्रसिद्ध मैहर का मंदिर त्रिकुटा पहाड़ी पर स्थित है। मैहर की माता शारदा मध्यप्रदेश के चित्रकूट से लगे सतना जिले में मैहर नगर Read Full Article

Dharmik Hindi Story - भगवान का धन्यवाद और पैसो से भरी थैली

एक व्यक्ति जो मृत्यु के करीब था, मृत्यु से पहले अपने बेटे को चाँदी के सिक्कों से भरा थैला देता है और बताता है की -"जब भी इस थैले से चाँदी के सिक्के खत्म हो जाएँ तो मैं तुम्हें एक प्रार्थना बताता हूँ, उसे दोहराने से चाँदी के सिक्के फिर से भरने लग जाएँगे । उसने बेटे के कान में चार शब्दों की प्रार्थना कही Read Full Article

धार्मिक कहानी- भगवान के 10 अवतार

आज इस पोस्ट मे हम हिन्दू धर्म के प्राचीन hindi kahani को पढ़ेंगे, जब पश्चिम के लोग जानवरो की तरह रहते थे, तब हम विकास और आधुनिकता की आसमान मे थे, पर हम सब कुछ खो दिये, क्योकि, हमने बाहर से आए लोगो के साहित्य को पढ़ा, और उसे सही माना। वो हमसे सब चोरी करके ले गए, और हमे पिछड़ा बताया, और अनरगाल चीजे Read Full Article

🚩भगवान कृष्ण का श्राप सुदामा ने अपने ऊपर ले लिया🚩- 🚩🕉️ सच्ची दोस्ती🕉️ 🚩

आज भगवान कृष्ण और सुदामा की hindi kahani  पढ़ेंगे, इस hindi story मे सुदामा के गरीब होने की कथा बताई गयी हैं, तो इस dharmik katha को जरूर पढे एक ब्राह्मणी थी जो बहुत निर्धन थी। भिक्षा माँग कर जीवन-यापन करती थी। एक समय ऐसा आया कि पाँच दिन तक उसे भिक्षा नहीं मिली। वह प्रति दिन पानी पीकर भगवान का नाम लेकर सो जाती थी। Read Full Article

🙏 धार्मिक कथा - 🚩🚩 सीता जी और उनके भाई 🚩🚩🚩

आज हम सीता माता से जुड़ी एक dharmik katha पढ़ेंगे। यह dharmik kahani रामायण मे तो वर्णित नहीं हैं, किन्तु इस dharmik katha का उल्लेख रामचरितमानस एवं कम्ब रामायण मे मिलता हैं, तो आइए कहानी को पढ़ते हैं श्रीराम और देवी सीता का विवाह कदाचित महादेव एवं माता पार्वती के विवाह के बाद सबसे प्रसिद्ध विवाह माना जाता है। इस विवाह की एक और विशेषता ये Read Full Article

ज्ञानवर्धक कहानी - राजा और संत

एक संत हमेशा घूमते रहते और लोगों को धर्म-कर्म के लिए प्रेरित करते थे। घूमते-घूमते वे एक ऐसे राज्य में पहुंच गए, जहां के राजा बहुत दानी और धर्म-कर्म करने वाले थे। लेकिन, उन्हें अपनी शक्ति पर और धन पर बहुत घमंड था। संत उस राजा के राज्य में ठहर गए। कुछ ही दिनों में राज्य के काफी लोग संत के पास पहुंचने लगे थे। संत Read Full Article

Shiva Purana -शिव का रौद्र रूप है वीरभद्र

यह अवतार तब हुआ था जब ब्रह्मा के पुत्र दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया लेकिन भगवान शिव को उसमें नहीं बुलाया। जबकि दक्ष की पुत्री सती का विवाह शिव से हुआ था। यज्ञ की बात ज्ञात होने पर सती ने भी वहां चलने को कहा लेकिन शिव ने बिना आमंत्रण के जाने से मना कर दिया। फिर भी सती जिद कर अकेली ही वहां Read Full Article

Shiva Purana - कैसे हुई 51 शक्तिपीठों की स्थापना

ब्रह्मा के पुत्र प्रजापति दक्ष की पुत्री सती से भगवान शिव का विवाह हुआ। कुछ समय बाद दक्ष को पूरे ब्रह्माण्ड का अधिपति बना दिया गया। इससे दक्ष में अभिमान आ गया। वह अपने आपको सर्वश्रेष्ठ समझने लगा। एक यज्ञ में भगवान शिव द्वारा खुद को प्रणाम न करने पर दक्ष ने उन्हें अनेक अपशब्द कहे। दक्ष ने शिव को शाप दिया कि उन्हें देव Read Full Article

Shiva Purana -शिव-पार्वती विवाह

जब सती जी का स्वयं को योग अग्नि में भस्म कर लेने का समाचार शिवजी के पास पहुंचा। तब शिवजी ने वीरभद्र को भेजा। उन्होंने वहां जाकर यज्ञ विध्वंस कर डाला और सब देवताओं को यथोचित फल दिया। सती ने मरते समय शिव से यह वर मांगा कि हर जन्म में आप ही मेरे पति हों। इसी कारण उन्होंने हिमाचल के घर जाकर पार्वती का Read Full Article

Shiv Puran -भगवान शंकर के पूर्ण रूप काल भैरव

एक बार सुमेरु पर्वत पर बैठे हुए ब्रम्हाजी के पास जाकर देवताओं ने उनसे अविनाशी तत्व बताने का अनुरोध किया | शिवजी की माया से मोहित ब्रह्माजी उस तत्व को न जानते हुए भी इस प्रकार कहने लगे - मैं ही इस संसार को उत्पन्न करने वाला स्वयंभू, अजन्मा, एक मात्र ईश्वर , अनादी भक्ति, ब्रह्म घोर निरंजन आत्मा हूँ| मैं ही प्रवृति और निवृति का Read Full Article

Shiv Purana - शिव और सती का विवाह

दक्ष प्रजापति की कई पुत्रियां थी। सभी पुत्रियां गुणवती थीं। फिर भी दक्ष के मन में संतोष नहीं था। वे चाहते थे उनके घर में एक ऐसी पुत्री का जन्म हो, जो सर्व शक्तिसंपन्न हो एवं सर्व विजयिनी हो। जिसके कारण दक्ष एक ऐसी हि पुत्री के लिए तप करने लगे। तप करते करते अधिक दिन बीत गए, तो भगवती दुर्गा ने प्रकट होकर कहा, Read Full Article


MENU


Secondary Menu
1. About Us
2. Privacy Policy
3. Contact Us
4. Sitemap


All copyright rights are reserved by MERI BAATE.