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लालची बकरे की कहानी | Lalchi Bakare ki Kahani

लालची बकरे की कहानी किसी जंगल में एक लालची बकरा रहता था, वह बहुत ही लालची था। पर दूसरों को वह यही दिखाता था की वह बहुत ही संत बकरा हैं, जिसे किसी भी चीज की लालच नहीं हैं, लेकिन वास्तव में वो बहुत ही लालची था। एक बार कुछ बकरे एक साथ मिल कर जंगल में नदी किनारे सुखी घाँस खा रहे थे, रात का समय Read Full Article

ज्ञानवर्धक हिन्दी कहानी - मोर मोरनी की कहानी (अजीत मिश्रा)

एक समय की बात है, एक जंगल में एक मोर और उसकी मोरनी रहती थी। मोर बहुत खूबसूरत था, उसके पंखों पर रंग-बिरंगी धारियाँ थीं। वह बहुत अच्छा नाचता भी था। मोरनी भी बहुत सुंदर थी, लेकिन वह मोर की तरह अच्छा नहीं नाचती थी। मोर हमेशा मोरनी का मज़ाक उड़ाया करता था। वह कहता था, "तुम तो अच्छी नाचती ही नहीं हो। तुम नाचने Read Full Article

अजीत गौतम की कहानी - अमरूद का पेड़

हीरु और गोलु नाम के दो शैतान बालक थे। दोनों ही छटे-छटाए जेल लाइन के शरारती बालक थे। दोनों दिनभर पुरे मोहल्ले मे शैतानिया करते रहते थे। वही एक और लड़का था जिसका नाम बीरु था। वह बहुत ही सीधा साधा लड़का था। वह बिलकुल भी शैतानी नहीं करता था। एक बार परसोती काका के बगीचे मे खूब अमरूद फले हुये थे। तीनों एक ही Read Full Article

हिन्दी कहानी- बूढ़ी काकी और शरारती लड़के (Hindi Story by Ajeet Sir)

रामपुर नैकिन नामका एक कस्बा था, वही पर एक अँग्रेजी स्कूल थी। जैसा की भारत की कई अँग्रेजी स्कूल बच्चो के अंदर भारतीयता को खत्म कर के बच्चो को लालची, घमंडी एवं स्वार्थी बनाना चाहती हैं ठीक वैसे ही इस स्कूल मे भी बच्चो को ऐसे ही बनाता जा रहा था। इस लिए बच्चो के अंदर संवेदनाये न के बराबर हो गई थी। और वो Read Full Article

Hindi kahani गुझिया किसने खाई - ज्ञानवर्धक Hindi Story (Ajeet Sir)

रामू की बहन रिंकि आज अपने ससुराल जा रही थी। इसलिए घर मे उसके विदा की तैयारी हो रही थी। रिंकि को गुझिया बहुत पसंद था। इस लिए रिंकि की माता ने रिंकि के लिए शुद्ध खोवे के बने गुझिया बनाए। और 50 गुझिया एक बड़े डब्बे मे बंद करके रख दिये। और जब रिंकि जाने लगी तो घर के नौकर ने सभी समान के साथ Read Full Article

हिन्दी कहानी - झूठा और ठगवाज बंदर | Hindi Story - Jhootha Aur Thugwaaz Bandar

एक जंगल में एक बंदर रहता था। उस बंदर का नाम पप्पू था। पप्पू नाम का वह बंदर बहुत शरारती था। वह बहुत ही झूठ बोला करता था। एक दिन की बात है कि वह बंदर नदी में नहाने गया था। वहां पर उसे भालू मिला, लॉक डाउन की वजह से भालू की नौकरी चली गई थी। इसलिए भालू को किसी ने बताया था कि Read Full Article

हिन्दी कहानी- दो बहने और बेरोजगारी | Hindi Story | Hindi Kahani

दो सगी बहनें थी, एक बहुत ही आलसी थी और दूसरी बहुत ही मेहनती थी। दोनों ने अभी-अभी अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की थी। दोनों बहने नौकरी खोजने लगी, इसी दौरान देश में महामारी आ गई। और सभी उद्योग कंपनियों को नुकसान हो गया और उन्होंने नई भर्तियां करना बंद कर दिया। अब यह दोनों बहने घर मे ही रहती और मोबाइल, फेसबुक चला Read Full Article

हिन्दी कहानी - बीरु भालू और उसकी दूसरों से जलन (Hindi Story Written By Ajeet Mishra Sir)

मंगल वन मे बीरू नामका भालू रहता था, वह बहुत ही आलसी था, वह जंगल मे जहा भी घने पेड़ देखता वही आराम करने लगता। वह कोई भी काम नहीं करता था। बस यहाँ वहाँ घूमता, किसी के घर मे अगर उसे कोई फल से लदा पेड़ दिखाता तो वह उस घर मे घुस कर फल चोरी करता और फिर नदी किनारे छांव दार पेड़ Read Full Article

अजीत मिश्रा के द्वारा लिखी चार ज्ञानवर्धक 🥰 Hindi Story 🥰

हिन्दी कहानी- मुर्गे का घमंड (Hindi Story- Murge ka Ghamand) एक बार एक मुर्गे को घमंड हो गया की उसकी वांग की वजह से ही गांव के लोग सही समय पर उठ पाते हैं। इस लिए वह गांव में आने वाले हर जानवर और पक्षी से अपनी सेखी बताता फिरता, एक दिन की बात हैं, गांव में भटकते हुए एक बहुत सुंदर मोर आ गया था।वह पास के Read Full Article

Hindi kahaniya- पंडित,चोर और हनुमान जी | Hindi Story- Pandit, Chor aur Hanumaan ji

"इस hindi story को अजीत मिश्रा जी ने लिखा हैं, यह hindi kahaniya एक पंडित जी पर आधारित हैं जो की भगवान का भक्त था और उसके ऊपर चोरी का इल्जाम लगा और फिर हनुमान जी ने उसकी जान बचाई, यह hindi story आपको कैसे लगी कमेन्ट कर के जरूर बताए। " एक बार की बात है। एक गांव में एक पंडित रहता था, वह बहुत Read Full Article

हिन्दी कहानी - तीन जादुई बहने | Hindi Story - Three magical sisters

रीवा सीधी नाम का एक राज्य था। इस राज्य मे एक गाँव था, नंदनपुर मे एक पंडित रहा करते थे, उनका नाम भागवत था। उनकी स्थिति ठीक नहीं थी। वो एक मंदिर मे पुजारी, गाँव वाले मंदिर जो चढ़ावा देते उसी से भागवत पंडित का घर चलता था। पंडित जी के तीन बेटे थे। पत्नी उनकी बहुत पहले ही गुजर चुकी थी। घर बिना महिला Read Full Article

गीतांजली की कहानी- सेठ और बारिश को रोकने की ताकत

मध्य प्रदेश के सुदूर पूर्व में एक सीधी नाम का एक नगर था, इस नगर में एक सेठ रहता था। वह जबसे व्यापार करना प्रारंभ किया है उसे किसी भी व्यापार में लाभ नहीं होता था। जिस व्यापार को शुरू करता कुछ दिन बाद वह डूब जाता था। सेठ को हमेशा नुकसान होता वह बहुत परेशान हो चुका था। वास्तव में सेठ बहुत ही लालची Read Full Article

सीधी जिले के पहाड़ी का वह भूतिया खंडहर | Bhoot ki kahani bhutiya khandahar

बात बहुत पुरानी नही है, मै और मेरे दोस्त अपने आफिस से कुछ दिनो के लिए छुट्टी लेकर अपने तीसरे दोस्त संतोष के गांव मे घूमने के लिये चल दिये। कई बार संतोष से बातचीत मे वह बताता था कि वह जिस जगह से आता है। वहां घूमने के लिये बहुत कुछ है। इसलिए हम चार दोस्तो की टोली संतोष के साथ उसके गृह ग्राम Read Full Article

गीतांजली की कहानी - सौतेली माँ और उसकी चाल

सुंदरगढ़ी नामका एक राज्य था, उसके राजा मन सिंह जी थे, उनकी पहली पत्नी बच्चा जन्म देते समय गुजर गई थी। रानी ने एक लड़के को जन्म दिया था। राजा को लड़के के प्रति बहुत ही चिंता हुई इसलिए उसने लड़के की परवरिश के लिए दूसरी माँ ले आया। राजा की दूसरी पत्नी का नाम चंद्रावती था। चंद्रावती कभी भी उस नवजात शिशु को अकेला नहीं छोड़ती Read Full Article

गीतांजली की कहानी- जादूगर बन गया राजा

एक जादूगर मंगलपुर नाम के राज्य का राजा बनना चाहता था। इसलिए उसने एक पहाड़ मे छुपकर कई वर्षो तक तपस्या की, उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान प्रकट हुये, और जादूगर को वरदान मागने को कहा। जादूगर ने भगवान से मंगलपुर का राज्य मांग लिया, उसने भगवान से कहा की आप मुझे मंगलपुर का राजा बना दो। भगवान जानते थे की अगर इसे मंगलपुर का Read Full Article

गीतांजली की कहानी- जहां चाह वही राह

एक किसान था जो रीवा जिले के कोसाम्बी गाँव मे रहता था। उसका एक ही बेटा था जो उस किसान की खेती मे हाथ बटाया करता था। पर कुछ महीने पहले ही उस किसान के बेटे को गाँव मे एक दूसरे लड़के के साथ मारपीट करने के जुर्म मे एक वर्ष का कारावास की सजा हो जाती हैं। किसान का वह लड़का रीवा जेल मे Read Full Article

Bhoot Ki Khani - वो डरावनी रात

केसरी गाँव मे दो भाई रामजी और श्यामजी रहते थे। दोनों भाइयो मे बहुत ही प्रेम था। बड़ा भाई रामजी शहर मे नौकरी करता था। नौकरी से मिले पैसे श्यामजी को देता था, जिससे वह घर अच्छे से चलाता था, साथ मे खेती भी देखता था। घर मे माँ भी थी, पिता गुजर चुके थे, लेकिन छोटी उम्र मे ही रामजी की शादी कर दिए Read Full Article

गीतांजली की कहानी - मेढक और चूहे की कहानी

मंगु चूहा आज जल्दी जल्दी अपना काम खत्म कर के अपनी पत्नी के साथ जंगल के दक्षिण की ओर चल दिया, उसके पड़ोसी चन्दन चूहा पहले ही अपने घर से निकल चुका था, आज जंगल के दक्षिण मे नदी किनारे चूहो का महासम्मेलन था जहाँ सभी चूहो का आना बहुत ही जरूरी था। इस समय जंगल मे चूहो के लिए माहौल बहुत ही खराब थे, Read Full Article

गीतांजली की कहानी - सबक

संतु नाम का एक लड़का था। वह 12 वी का छात्र था। वह पढ़ने मे बहुत तेज़ था। पाठशाला मे वह हमेशा अव्वल रहता था। पर उसमे कुछ कमीया थी की वह दूसरे के द्वारा किए गए कार्यो का श्रेय खुद ले लिया करता था। एक बार संतु और उसके दोस्त बीरु को पवन चक्की मे प्रोजेक्ट बनाने को मिला, जिसमे पवन चक्की के कार्य Read Full Article

गीतांजली की कहानी - बालक की मदद

बीरु रीवा जिले मे रहने वाला एक मध्यवर्ग परिवार के गौतम ब्रांहण के यहां जन्मा बालक था। घर मे धार्मिक वातावरण होने के कारण बीरु के अंदर धार्मिक और नैतिक ज्ञान और समझ कम उम्र मे ही हो चुका था। बीरु के पिता एक मेहनती और ईमानदार पुलिस वाले थे इसलिए बीरु भी एक ईमानदार और मेहनती बालक था। एक बार बीरु अपने दोस्तो के साथ Read Full Article

गीतांजली की कहानी - ठग का हृदय परिवर्तन

एक बार बीरू काशी के विश्वनाथ के दर्शन के लिए अपने नगर रीवा से काशी के लिए पैदल निकल पड़ा। अपने साथ अपना प्यारा घोड़ा पवन को भी अपने साथ ले चला तथा रास्ते मे खाने के लिए काफी राशन भी था जिससे उसने अपने घोड़े पवन के पीठ मे टांग रखा था। उसकी इच्छा थी की बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए वह रीवा Read Full Article

गीतांजली की कहानी - पिंकू और टिंकू, दो दोस्त

पिंकू और टिंकू गहरे दोस्त थे दोनों हर बात एक दूसरे से बताया करते थे। दोनों अपनी अपनी दिनचर्या एक दूसरे से साझा करते थे। दोनों के घर की दूरी एक किलोमीटर के अंतर की थी । टिंकू से मिल कर एक दिन पिंकू घर जा रहा था तभी रास्ते मे उसे एक साधू बाबा मिले उन्होने पिंकू को कहा बेटा क्या नाम है तुम्हारा। पिंकू Read Full Article

गीतांजली कि कहानी - बदले की भावना और बर्बादी

गोविंदगढ़ इलाके मे एक बहुत बड़ा जंगल था, वहाँ एक लोमड़ी बगीरा अपने परिवार के साथ रहा करता था। बगीरा के परिवार मे उसकी पत्नी जिसका नाम मोती था तथा बगीरा और मोती के तीन छोटे छोटे बच्चे थे, हीरा , सोना और चाँदी। एक दिन बगीरा खाने की तलाश मे जंगल के बहुत भीतर चला गया जिसकी बजह से उसे अपने घर आने मे Read Full Article

गीतांजली की कहानी - समस्याओं का सामना

बहुत ही सुंदर मौसम था। आसमान मे काले बादलो ने सूरज को ढक लिया था और हल्की हल्की ठंडी हवा बह रही थी। साथ मे रिमझिम-रिमझिम बारिश हो रही थी। मैं अपने दोस्तो के साथ चिरौंजी काका के चाय के झोपड़े मे बैठा ताश खेल रहा था। तभी एक व्यक्ति अपने दोस्त के संग उस झोपड़े मे प्रवेश करता हैं जो की बारिश की फुहारो Read Full Article

गीतांजली की कहानी - कामचोर नौकर

भितरी गाँव मे दीपक नाम का एक सेठ रहा करता था। उसकी रीवा मे कई दुकाने थी। इसलिए वह रीवा मे ज़्यादातर ठहरता था। कभी कभार ही वह भितरी आया करता था। भितरी मे उसके पास चार एकड़ जमीन थी, इस जमीन मे उसने सब्जी-भाजी लगवा रखी थी। जमीन के देखभाल के लिए उसने दो नौकर रखे हुये थे। एक का नाम हरिया और दूसरे Read Full Article

गीतांजली की कहानी : भाजीवाली का पछतावा

रीवा के पास एक बस्ती थी, यहाँ कुल सौ लोग का परिवार घर बना कर रहता था। उस बस्ती के पास एक गाँव था, जहां से एक भाजी वाली, चने की भाजी ला कर बेचा करती थी। बस्ती के सभी लोग उस भाजी वाले से चने की भाजी खरीदा करते थे। भाजीवाली का बस्ती के सभी लोगो से परिचय था। वह सब से मीठी वाणी मे Read Full Article

गीतांजली की कहानी - वैभवी और उसके फूफा जी

रीवा विंध्यप्रदेश की राजधानी हुआ करती थी, आज इसकी पहचान घट कर सिर्फ सफ़ेद शेर की भूमि मात्र रह गई हैं। इसी शहर मे वैभवी अपनी मम्मी और छोटी बहन के साथ रहा करती थी, पापा, सेना मे बहुत बड़े अधिकारी थे, उनका कोई निश्चित स्थान मे ड्यूटि नहीं थी, लगातार बदलती रहती थी, कभी जम्मू तो कभी असम, इसलिए वैभवी के पापा ने अपने Read Full Article

गीतांजली की कहानी- नासमझ पड़ोसी

चम्पक नाम का खरगोश सुंदर वन मे रहता था, वह बहुत ही शान्तिप्रिय और स्वभाव से सीधा था। उसे जंगल मे किसी से कोई मतलब नहीं रहता था, वह अपने ही धुन मे लगा रहता था। चम्पक के पड़ोस मे एक बंदर रहता था, वह पूरे जंगल मे नेतागिरी करता रहता था। उसका घर चम्पक खरगोश के बगल मे ही बनवाया था, उसे अपने घर मे Read Full Article

गीतांजली की कहानी - चीकू और गौरैया

चीकू हर रोज सुबह टहलने के लिए अपने छत पर जाया करता था। सुबह का मौसम बहुत अच्छा होता है। ठंडी हवाओ का चलना, पेड़ों का लहराना और चिड़ियो का चहकना मन को मोहित कर देने वाला होता है। रोज कि तरह आज भी चीकू छत पर गया, चीकू के छत मे बहुत प्रकार के पक्षी हर रोज आया करते थे। चीकू कि मम्मी हर Read Full Article


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