घर में पपीता का पेड़ लगाना चाहिए या नहीं | Papita ka ped ghar mein lagana chahiye

घर में पपीता का पेड़ लगाना चाहिए या नहीं | Papita ka ped ghar mein lagana chahiye

पपीता एक कम जगह घेरने वाला पेड़ है। यह बहुत जल्दी तैयार होता है और साल भर के अंदर इस में फल लगने लगते हैं। पपीता का फल लीवर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है इसके अलावा पपीते की पत्तियां भी कई प्रकार की औषधि के रूप में इस्तेमाल होता है। अक्सर लोग अपने घर में दो यादों से ज्यादा पपीता लगा लेते हैं क्योंकि पपीता बहुत ही कम जगह में लग जाता है। लेकिन बहुत से लोग पपीता को घर में नहीं लगाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है की पपीता को घर में लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है जिससे घर का माहौल खराब होता है। आज इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे की पपीता को घर में लगाना चाहिए या नहीं लगाना चाहिए। (Papita ka ped ghar mein lagana chahiye)

हिंदू मान्यताओं के अनुसार पपीता शुभ माना गया है

हिंदू मान्यताओं के अनुसार पपीता को घर में लगाना शुभ माना गया है क्योंकि यह एक औषधि के रूप में मान्यता प्राप्त है। हिंदू शास्त्रों में औषधीय गुण वाले पेड़ पौधों को लगाना शुभ माना गया है। पपीता का स्वामी गुरु ग्रह को माना गया है, जिस प्रकार गुरु ग्रह के लिए केले का पेड़ महत्वपूर्ण है ठीक उसी तरीके से पपीते का पेड़ भी गुरु ग्रह की दृष्टि में एक महत्वपूर्ण पेड़ एवं फल माना गया है। जिस व्यक्ति का गुरु ग्रह खराब हो वह पपीते का सेवन करके गुरु ग्रह को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकता है। पुराने समय में राशि एवं ग्रहों के अनुसार भी फलों का सेवन किया जाता था। पपीते के पेड़ का महत्व बिल्कुल केले के पेड़ की तरह ही है इसलिए घर में पपीते का पेड़ होना अत्यंत ही शुभ माना गया है।

See also  पारिजात का पेड़ और पारिजात के फूल | Parijaat ke Ped aur Parijat ke phool

गुरु ग्रह को शांत और गुरु के दोष को दूर करता है

पपीते का वृक्ष गुरु ग्रह का पसंदीदा वृक्ष है जिस घर में पपीता ही लगे होते हैं उस घर में गुरु ग्रह की वक्र दृष्टि नहीं पड़ती है। जिन लोगों का गुरु ग्रह कमजोर है या फिर किसी व्यक्ति को गुरु ग्रह का दोष लगा हुआ है तो वह अपने दोष से मुक्ति पाने के लिए घर में पपीते का पौधा जरूर लगाएं। बहुत से लोग अरे पपीते का व्यंजन बनाकर खाते हैं, जिन लोगों का गुरु ग्रह बिगड़ा हुआ है उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, जिन लोगों का गुरु ग्रह खराब है उन्हें सिर्फ पका हुआ पीला पपीता खाना चाहिए।

पपीता धन संपदा का सूचक है

गुरु ग्रह बुद्धि एवं मान सम्मान का प्रतिनिधित्व करता है और पपीता गुरु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए अगर घर में पपीता लगा है तो वह घर लगे हुए दोस्त को फकत करने का काम करता है। जिस घर में नकारात्मक शक्ति का प्रभाव ज्यादा होता है उस घर में पपीते का पेड़ स्वस्थ नहीं होता है और उसकी पत्तियां पीली होकर जल्दी ही टूट जाती हैं तथा वह फल नहीं देता है । हालांकि कई बार पपीते को पोषक तत्व नहीं मिल पाते इसलिए भी वह पीली पत्तियों के साथ विकसित नहीं हो पाता लेकिन लाख प्रयास करने पर भी पपीते की पत्तियां पीली ही रहती हैं और उसमें फल नहीं लगते हैं तो घर में नकारात्मक ऊर्जा कार्य संकेत है इससे बचने के लिए घर के वास्तु दोष को पता लगाकर उसका निराकरण करना चाहिए। अगर वास्तु दोष नहीं पता चल पा रहा है तो घर में सत्यनारायण भगवान की कथा को सुनकर घर के मुख्य द्वार में आम के पत्तों से बनी बंधन बांध को लगाना चाहिए।

घर में पपीते का पौधा कहां लगाना चाहिए

घर में पपीते के पौधे को लगाने का सबसे उत्तम स्थान उत्तर दिशा और पूर्व दिशा है। जिस घर में उत्तर दिशा की ओर पपीते का पौधा लगा होता है उस घर में कभी भी धन संपदा की कमी नहीं होती है। लेकिन ध्यान रहे पपीते का पौधा मुख्य द्वार के निकट नहीं होना चाहिए वरना जितनी तेजी से धन आएगा उतनी ही तेजी से खर्च हो जाएगा इसके साथ ही जिस घर में पपीता पूर्व दिशा की ओर लगा होता है उस घर में लोग बहुत ही प्रेम के साथ रहते हैं तथा सभी का स्वास्थ्य बहुत बढ़िया होता है और रोजगार में लाभ तथा नौकरी में पदोन्नति समय-समय पर होती रहती है।

See also  बिल्ली का रोना शुभ है या अशुभ | Billi ka rona Shubh hai ya Ashubh

किस प्रकार का पपीता अशुभ माना जाता है

घर में है अगर कोई ऐसा पपीता लगा हुआ है जोकि फल नहीं देता है तथा उसका विकास छोटे आकार का है तो ऐसे पपीते को घर के लिए अशुभ माना जाता है। इसके अलावा जिस घर में ऐसा पपीता लगा हो जिसके फल बहुत ही छोटे होते हैं वह पपीता भी हर के लिए अशुभ माना जाता है।

क्या पपीता अशुभ पेड़ है

दुनिया के कुछ देशों में पपीते को अशुभ मानते हैं। लेकिन यह बिल्कुल गलत है। जो देश पपीते को अशुभ मानता है उसके पीछे का कारण यह है कि उनके यहां पपीता मूल रूप से नहीं पाया जाता था। और जब पपीता पहली पहली बार उनके सामने आया तो वह इस पेड़ को स्वीकार नहीं कर पाए और उन्होंने इसे शैतान का पेड़ बताकर उसे अशुभ पेड़ मान लिया। जो कि बेहद मूर्खतापूर्ण शोध एवं बात है। पपीते का वृक्ष बहुत ही लाभकारी होता है यह कई प्रकार की बीमारियों में दवाई के रूप में इस्तेमाल होता है। यहां तक की अंग्रेजी दवाई में भी पपीते की पत्ती के रस का इस्तेमाल प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने के लिए किया जाता है। जिन लोगों को डेंगू हो जाता है तो बताया जाता है कि उन्हें अंग्रेजी की एक दवाई दी जाती है जोकि पपाया लीफ एक्सट्रैक्ट होती है। यानी कि हिंदी में कहें तो पपाया की पत्तियों का चूर्ण उन्हें खिलाया जाता है जो कि बहुत ही तेजी से प्लेटलेट काउंट को बढ़ाती है।

पपीते के पेड़ को लगाने का शुभ दिन कौन सा है

जैसा कि हमने ऊपर पड़ा है कि पपीते का स्वामी गुरु ग्रह है इसलिए घर में जब भी पपीता लगाएं तो इसके लिए सबसे अच्छा दिन गुरुवार माना गया है। गुरुवार के दिन सुबह सुबह सूरज के सर पर चढ़ने के पहले यानी दोपहर 12:00 बजने के पहले जहां पर भी आपको पपीता लगाना हो घर में लगा सकते हैं। जो लोग गुरुवार के दिन पपीते का पौधा नहीं लगा पा रहे हैं वह बुधवार और सोमवार के दिन भी पपीते के पौधे को घर में लगा सकते हैं लेकिन गुरुवार के दिन पपीते के पौधे को लगाना बहुत ही शुभ कार्य एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला दिन माना गया है।

See also  धर्म की बात - 108 भगवान Ganesh Ji जी को दूर्वा क्यो पसंद हैं?

सूचना/डिस्क्लेमर – यह पोस्ट हिन्दी की लोकप्रिय वेबसाइट और कुछ पुराने लोगो के द्वारा सुनी हुई बातों के आधार पर लिखी गई हैं, इस पोस्ट की सत्यता की पुष्टि meribaate.in नहीं करता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *