उत्तर दिशा में सिर करके सोना चाहिए या नहीं

उत्तर दिशा में सिर करके सोना चाहिए या नहीं

अक्सर लोगो का प्रश्न होता हैं की “उत्तर दिशा में सिर करके सोना चाहिए या नहीं”? आज इस लेख में हम उत्तर दिशा से संबन्धित कई प्रश्नो के उत्तर जानेंगे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। उत्तर दिशा में सिर करके सोने से शरीर की ऊर्जा का नाश होता है तथा शरीर दुर्बल होता है और मानसिक चिताओं से ग्रसित होता है। विज्ञान का भी कहना है कि उत्तर दिशा में सिर करके सोने से पल्स रेट में गिरावट होती है। उत्तर दिशा में सिर करके सोने से ब्रेन हेमरेज या फिर लगवा जैसे रोगों का डर बना रहता है इसलिए उत्तर दिशा में कभी भी सर करके नहीं सोना चाहिए। सोने के लिए सबसे उत्तम दिशा पूर्व दिशा तथा दक्षिण की दिशा है। पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या और मान सम्मान में वृद्धि होती है। दक्षिण दिशा में सर करके सोने से व्यक्ति दीर्घायु होता है और रोग व्याधियों से मुक्ति पता है।

उत्तर दिशा में जुटे चप्पल ना रखें

उत्तर दिशा भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी का निवास स्थान है। इसलिए यह ध्यान रखना चाहिए कि कभी भी उत्तर दिशा में जुटे चप्पल नहीं रखना चाहिए। भगवान कुबेर सुख शांति और धन संपदा के देवता माने जाते हैं और क्योंकि उनके निवास स्थान उत्तर दिशा में है इसलिए उत्तर दिशा में कभी भी भूल कर जूते और चप्पल नहीं रखना चाहिए जिन घरों में उत्तर दिशा में जुटे और चप्पल रखे जाते हैं उसे घर के सभी विकास कार्य रुक जाते हैं। तथा आर्थिक बढ़ाएं उसे घर में लगातार बनी रहती है इसलिए घर के सदस्यों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भूल कर भी उत्तर दिशा में जुटे और चप्पल रखने की व्यवस्था न करें

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उत्तर दिशा में भारी चीज ना रखें

उत्तर दिशा में कभी भी भारी चीज नहीं रखनी चाहिए। उत्तर दिशा में कभी भी भारी फर्नीचर पलंग या अलमारी नहीं रखनी चाहिए जिन घरों में उत्तर दिशा में भारी सामान रखे जाते हैं उसे घर में सकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और आर्थिक समस्याएं बनी रहती हैं। जिस घर के उत्तर दिशा में भारी भरकम सामान रखे होते हैं उसे घर के लोग सदैव बीमारी से ग्रस्त रहते हैं और बीमारी में उनका सारा धन खर्च होता रहता है इसलिए उत्तर दिशा को हमेशा खाली रखना चाहिए और खुला रखना चाहिए। जिन घरों में उत्तर दिशा खली और खुला हुआ होता है उसे घर में हमेशा माता लक्ष्मी का वास होता है।

उत्तर दिशा की यात्रा किस दिन करना चाहिए

उत्तर दिशा की यात्रा मंगलवार और बुधवार के दिन नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति मंगलवार या फिर बुधवार के दिन उत्तर दिशा में यात्रा करता है तो उसकी यात्रा कष्ट में होती है तथा जिस कार्य के लिए यात्रा की जा रही है वह कार्य सफल नहीं होता है इसलिए अगर किसी व्यक्ति को उत्तर दिशा में यात्रा करनी है तो उसे मंगलवार और बुधवार का दिन ध्यान से याद रखना चाहिए और इस दिन उसे यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर यात्रा एक दिन की है यानी की उसी दिन जाना और आना है तब दिशा का विचार नहीं किया जाता और किसी भी दिशा में जाया जा सकता है। शनिवार के दिन अपने घर के लिए ही यात्रा की जा सकती है इसके अलावा शनिवार के दिन कहीं भी यात्रा के लिए नहीं जाना चाहिए।

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अगर किसी कारण बस मंगलवार या फिर बुधवार के दिन यात्रा करनी पड़ी तो मंगलवार के दिन गुड़ खाकर यात्रा करनी चाहिए तथा बुधवार के दिन धनिया या तिल खाकर यात्रा करनी चाहिए। अगर मंगलवार को गुड़ खाकर और बुधवार को धनिया या तिल खाकर यात्रा करेंगे तो कार्य के लिए यात्रा की जा रही है वह कार्य सफल होगा और यात्रा सुखमय होगी।

क्या उत्तर दिशा में मुंह करके पूजा कर सकते हैं

पूजा के लिए सबसे उत्तम दिशा पूर्व दिशा है। पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा पाठ करने से पूजा का श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है। क्योंकि मानता है कि पूर्व दिशा शक्ति, सफलता और शौर्य का सूचक है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति घर के वास्तु के कारण पूर्व दिशा में मुख करके पूजा नहीं कर पा रहा है तो वह उत्तर दिशा की ओर मुंह करके पूजा कर सकता है। उत्तर दिशा की ओर मुंह करके भी पूजा करना उत्तम माना गया है। लेकिन पूर्व और उत्तर में अगर तुलना की जाए तो श्रेष्ठ पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पूजा करने को माना गया है।

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