ज्ञानवर्धक कहानी – प्रेम मे दरार (लेखक- लालजी मिश्रा)

ज्ञानवर्धक कहानी – प्रेम मे दरार (लेखक- लालजी मिश्रा)

एक समय की बात हैं प्रेमनगर नामके गाँव मे दो सगे भाई रहते थे। बड़े भाई का नाम रामू तथा छोटे भाई का नाम श्यामू था। दोनों भाइयो मे इतना प्रेम था की दोनों एक साथ नहाते, एक साथ खाते तथा एक साथ खेतो मे जाया करते थे।

दोनों भाइयो के प्रेम को देख कर गाँववाले उन दोनों भाइयो का बड़ा सम्मान किया करते थे। पर उन दोनों भाइयो को न जाने किसकी नजर लग गई। एक दिन सुबह की बात हैं गर्मी के दिन थे, उस समय आम भी पक रहे थे। बड़ा भाई रामू सौच क्रिया के लिए बगीचा गया हुआ था। सौच क्रिया से मुक्त हो कर रामू जब बगीचे से घर वापस आ रहा था तो उसे बगीचे मे दो आम मिले, वह उन आम को अपने दोनों हाथ मे लेकर वापस लौट रहा था। उसके एक हाथ मे कटा हुआ आम था, जिसे पक्षियो ने कुतर दिया था, तथा दूसरे हाथ मे साबुत आम था। रामू और श्यामू दोनों भाइयो के एक एक संतान थी, दोनों घर के बाहर खेल रहे थे। रामू का छोटा भाई घर के बाहर चबूतरे मे बैठा हुआ, गाय के लिए गेरमा (बंधन) बना रहा था। रामू और श्यामू के लड़को ने जब रामू को देखा तो तो आम को देख कर वो बच्चे रामू की ओर दौड़े। श्याम चबूतरे मे बैठा यह सब देख रहा था। दोनों बच्चे रामू के पास पहुँच कर आम के लिए जिद करने लगे। रामू के जिस हांथ मे कटा हुआ आम था, उस तरफ रामू का लड़का था, और वो उस आम को छिनने के कोसिस कर रहा था, वही रामू के दूसरी तरफ श्याम का लड़का था, रामू के उस हाथ मे साबुत आम था।

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लेकिन रामू पुत्र मोह मे पद गया, और उसने उल्टे हाथ मे मौजूद छोटे भाई के लड़के को कटा आम दे दिया, और अपने बेटे को साबुत आम। बच्चे छोटे थे इस लिए उन्होने इस पक्षपात को नहीं समझा, पर श्याम यह सब होते हुये देखा, उसने आज अपने भाई को पक्षपाती होते देखा।

श्याम दर गया की आज भईया आम के लिए पक्षपाती हो गए, आगे न जाने किस चीज के लिए वो मेरे बेटे के साथ पक्षपात कर दे, इस लिए उसने भईया से कुछ बोले बिना ही, अगले दिन से वह अपने भाई से अलग थलग हो गया।

शिक्षा – पुत्र मोह के कारण दो भाइयो के प्रेम मे दरार पड़ गई, इसी प्रकार इंसान कई बार किसी न किसी लालच या प्रेम मे पड़कर किसी अपने के लिए दूसरे के हक को मारते हैं, जिससे लोगो के बीच के मधुर संबंधो मे खटास आ जाती हैं।