चुगल खोरी करना एक कला है, यह हर किसी से नहीं आती है. इसके लिए विशेष माहौल की आवश्यकता होती है. एक खास माहौल में रहने पर ही इस कला का विकास होता है. इस महान कला में हर कोई निपुण नहीं हो सकता है. फिर भी हमारे आसपास चुगली करने वालों की कोई कमी नहीं होती है.

जिस प्रकार भारत में हर व्यक्ति क्रिकेट का एक्सपर्ट अपने आप को मानता है. ठीक उसी प्रकार बहुत से लोग चुगली के मामले में भी अपने को एक्सपर्ट ही मानते हैं. मनोवैज्ञानिक ने चुगली करने वालों के प्रकार को परिभाषित करा है. तो आइए इस पोस्ट में विभिन्न प्रकार के चुगली करने वालों के प्रकार जानते हैं.

कान भरने वाले चुगल खोर

इस प्रकार के चुगल खोर विश्व के सबसे घातक चुगलखोर होते हैं। इस तरह के चुगल खोर हर जगह उपस्थित होते हैं। इनके अंदर चुगली का कीड़ा हमेशा चुलबुलाता रहता है। यह हर समय चुगली का कारण खोजते रहते हैं, अगर इन्हें कोई कारण नहीं मिलता, तो यह एक काल्पनिक मुद्दा बनाकर, उसकी चुगली करने लगते हैं। यह हर किसी की चुगली करते हैं। इस प्रकार के चुगल खोर जिसके रहमों करम पर होते हैं, उसकी भी चुगली करने से यह बिल्कुल भी नहीं चूकते हैं। अगर यह किसी कमरे में बंद हो और इनको मिलाकर वहां पर 100 लोग हो, तो यह 99 लोगों की चुगली जरूर कर लेंगे। क्योंकि अपनी चुगली यह नहीं कर पाते इसलिए एक आंकड़ा इनसे छूट जाता है। जिस प्रकार भारत के सांपों में सबसे खतरनाक, कोबरा होता है, ठीक इसी तरह चुगल खोर वर्ग में यह कान भरने वाली प्रजाति, ज्यादा खतरनाक होती है।

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गलती ना कबूल करने वाले चुगल खोर

यह भी बहुत ही खतरनाक चुगल खोर होते, हालांकि कान भरने वालों चुगल खोर की तुलना मे यह कम खतरनाक होते है। गलती ना कबूल करने वाले चुगल खोर, यह केवल तब ही चुगली करते हैं, जब इनसे कोई काम गलत हो जाता है, और उस गलती का दोष यह और किसी पर डालना चाहते हैं, तब यह चुगली करना प्रारंभ करते हैं। चुगली करने का मुख्य उद्देश अपने को निर्दोष साबित करना होता हैं और दूसरे के ऊपर दोष मढ़ना होता हैं।

खबरी चुगल खोर

यह चुगल खोर किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए चुगली नहीं करते, बल्कि इनके पेट पर कोई बात नहीं पचती। इसलिए इन्हें जब भी कोई रोचक जानकारी मिलती है, जो इनके किसी संबंधित व्यक्ति से जुड़ी हुई हो। तो उस जानकारी को अन्य लोगों तक चटपटे तरीके से पहुंचाते हैं। यह किसी भी जानकारी को मिर्च मसाले के साथ मिलाकर परोसते हैं। और उनका मुख्य मकसद बुराई करना नहीं होता बस जानकारी को बताना होता है। जब यह कोई नई या अनोखी जानकारी पाते हैं तो यह उसे पचा नहीं पाते। इसलिए दूसरों को बता कर, हल्का महसूस करते हैं।

खुशी से जलने वाले चुगल खोर

इस प्रकार के चुगल खोर जलन की भावना से लबालब रहते हैं, और जैसे ही किसी के यहां कोई खुशी वाली घटना होती है, तो ये लोग वह खुशी देखकर वही पर जल -भूनकर राख हो जाते हैं। फिर अपने आप को तृप्त करने के लिए, अपने आप को संतुष्ट करने के लिए, यह चुगली नाम के हथियार का इस्तेमाल करते हैं। और खुशखबरी प्राप्त करने वाले उस व्यक्ति की जमकर दूसरों से चुगली करते हैं। तब जाकर इनकी आत्मा को ठंडक मिलती हैं, यह ठंडक बिलकुल वैसी ही होती हैं जैसे गर्मी के महीने मे हमे कोकोकोला पीकर महसूस होती हैं।

श्रेया लेने वाले चुगल खोर

इस प्रकार के चुगल खोर, बुद्धि से बहुत शातिर होते हैं। यह लोग तलाश में रहते हैं, इनके कार्यक्षेत्र में कौन सा कार्य किसको दिया गया है। फिर इसके बाद ये लोग उस कार्य में जाकर थोड़ा सा मदद कर देंगे, या मदद नहीं करेंगे तो घुसने की कोशिश करेंगे, अपनी बुद्धि जबर्दस्ती लगाएंगे। और इसके बाद जैसे ही वह कार्य पूर्ण हो जाता है, यह उसका श्रेय खुद ले लेते हैं। हर जगह घूम घूम कर या चुगली करेंगे। फलाना आदमी तो वह कार्य कर ही नहीं पा रहा था, बिचारा परेशान था, मैंने जाकर उसकी मदद की, उसका काम मेरी वजह से हुआ। फलाना फलाना तरह का चुगली करते हैं।

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चुप्पा चुगल खोर

यह भी खतरनाक चुगलखोर की श्रेणी में से एक हैं, यह हर तरह के समूह में यह शामिल होते हैं, इनका अपना कोई ग्रुप नहीं होता है, बल्कि यह सब ग्रुप में होते हैं। यह सब की बातें सुनते हैं, थोड़ा कम बोलते हैं, इनका प्रयास होता है सामने वाले की ज्यादा से ज्यादा बातों को सुना जाए, अपने बारे में बहुत कम बताते हैं, अगर इनके पास कोई जानकारी भी है तो वह इसे जाहीर नहीं करते। यह एक बंद डब्बे की तरह होते हैं। जो जानकारी रखने के लिए तो खुलता है। लेकिन जानकारियां देने के लिए नहीं खुलता। इसलिए अगर आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जो लोमड़ी की तरह चतुर है, और आपसे ज्यादा बातें करके आपके बारे में जानकारियां निकालता है। और जब उसकी बारी आती है वह बातों को घुमा देता है। तो मानिए वह चुपपा चुगलखोर है।

सिर्फ पति-पत्नी से चुगली करने वाले

यह कमजोर वर्ग के चुगलखोर होते हैं, यह किसी की बात को किसी दूसरे से नहीं कहते, इनको दुनियादारी से कोई लेना-देना नहीं है। यह अपने काम में मस्त रहते हैं। हां लेकिन अगर इनको कार्यालय में प्रताड़ित किया जाता है, कार्यालय में परेशान किया जाता है। तो यह दुखी होते हैं और घर में जाकर अपने पति या पत्नी से, अपने दिल का पूरा हाल बयान कर देते हैं। जिस प्रकार सांपों में सीतालट नाम का सांप किसी को कोई परेशानी नहीं देता, ठीक इसी तरह इस प्रजाति के चुगल खोर, किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते।

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अंतर्मुखी चुगल खोर

यह चुगलखोर दुनिया का सबसे शांत प्रजाति का चुगल खोर है, इसे आप चुगल खोर प्रजाति का संत बोल सकते हैं। यह लोगों की चुगली अपने आप में ही करता रहता है। यह लोग एकांत में बैठ जाएंगे, और फिर किसी की चुगली अपने आप पर ही करेंगे। यह लोग दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचाते, परंतु खुद से ही चुगली करने की वजह से, इनका मन हल्का नहीं हो पाता। और यह प्रजाति के चुगलखोर अंदर ही अंदर जलते रहते हैं। तो मानसिक रूप से यह थोड़ा सा कमजोर हो जाते हैं, बात बात मे चिढ़ जाना, या गुस्से मे आ जाना इनके अहम लक्षण हैं।

चुगल खोर से कैसे बचे-

चुगल खोर से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है, कि आप अपने काम की बातें, जरूरी बातें ऐसे लोगों को ना बताएं। ऐसे लोगों से थोड़ा दूरी बनाएं। अगर संभव ना हो तो इग्नोर करें।

अगर लेख में कोई प्रकार छूट गया है, या लगता है कि किसी चुगलखोर के प्रकार में कुछ बिंदु कम पड़ गए हैं, और उन्हें आप जोड़वाना चाहते हैं। तो कमेंट करके हमें सूचित करें

One thought on “चुगलखोर के 8 प्रकार, लेख को पढे और कार्यालय मे सतर्क रहे”
  1. सर मैंने आपका यह लेख पढ़ा बहुत ही अच्छा लगा भविष्य में मुझे आम आदमी पार्टी के कार्यालय में सतर्क रहने की बहुत मदद मिलेगी आता है जब आप दिल्ली में आएंगे तो मुझसे मिलेंगे मैं आपके चरण वंदन करना चाहूंगा

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